पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुल्क के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के राजनीतिक करियर पर आजीवन प्रतिबंध लगाकर उनका राजनैतिक करियर पूरी तरह से खत्म कर दिया है। माना जा रहा है कि यह फैसला पाकिस्तान की पूरी सियासत को बदलकर रख देगा। कोर्ट ने संविधान की धारा 62 (1) (एफ) के तहत उन पर प्रतिबंध लगाया है। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने शुक्रवार को सुनाए अपने फैसले में कहा कि शरीफ सार्वजनिक पद के लिए योग्य नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी भी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति को संविधान की धारा 62 (1) (एफ) के तहत अयोग्य करार दिया गया है तो वह शख्स आजीवन अयोग्य ही रहेगा। इस फैसले के बाद नवाज शरीफ जिंदगी भर किसी भी सार्वजनिक पद पर आसीन नहीं हो पाएंगे।
बता दें कि इसी साल फरवरी में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के तहत अयोग्य ठहराया गया व्यक्ति किसी भी राजनीतिक पार्टी का या फिर संवैधानिक पद पर नहीं रह सकता है। इसी फैसले के बाद नवाज शरीफ ने अपनी राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
डॉन न्यूज के मुताबिक, 5 जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से यह आदेश दिया है। चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान साकिब निसार ने आदेश से पहले कहा कि देश और देशवासियों को अच्छे चरित्र वाले नेताओं की जरूरत है।
पनामा पेपर्स में नवाज शरीफ का नाम आने के बाद से ही उनके राजनीतिक करियर पर सवाल उठाये जा रहे थे। पनामा पेपर्स केस में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 68 वर्षीय शरीफ को पीएम पद के लिए अयोग्य ठहरा दिया था।