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'नवाज शरीफ से ज्यादा टैक्स तो मैं भरता हूं'

Tue, 08 Jul 2014 01:19 PM IST
वुसतुल्लाह खान/बीबीसी संवाददाता, पाकिस्तान
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क्रिकेट के मैदान और सीमा रेखा पर भारत और पाकिस्तान को एक दूसरे से होड करते हुए कई बार देखा गया है। लेकिन क्या दोनों देशों के सांसदों के बीच भी कोई होड सी है?
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मौजूदा भारतीय सांसदों में सौ से ज्यादा सांसद ऐसे हैं जिन पर किसी न किसी तरह का आपराधिक मामला है। वहीं पाकिस्तानी की पिछली पर्लियामेंट में आधे से ज्यादा सांसद ऐसे थे जिनकी डिग्रियां जाली थीं।

और सवाल यह भी है कि क्या दोनों देशों की कथित सुस्त न्याय प्रक्रिया दोनों मुल्कों के दागी सांसदों के लिए मददगार साबित होती है।
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पढिए, एक प्रत्रकार की रिपोर्ट विस्तार से

इस धरती से कई जीव-जंतु, पशु-पक्षी तेजी से गायब हो रहे हैं। भय यानी हैरत भी ऐसा ही एक पक्षी है, जिसकी नस्ल खतरे में है।

शुक्र ऊपर वाले का कि मैंने आज तक भय नामक कोई पक्षी नहीं पाला। वरना तो इस तरह के समाचारों-रिपोर्टों पर न जाने क्या हाल होता कि भारतीय लोकसभा के 543 सदस्यों में से 322 भगवान की दया से करोडपति हैं।

लेकिन इतना कुछ मिलने के बाद भी 186 सांसदों पर किसी ने किसी तरह का आपराधिक मामला है। और 112 को हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, बलात्कार या सामाजिक या धार्मिक शांति की ऐसी-तैसी करने जैसे किसी एक, दो या तीन आरोपों के समन पकडाए जा चुके हैं।

इस समय पाकिस्तान में बैठकर मैं ऐसी बातों पर बस हंस ही सकता हूं। क्या समझ रखा है, क्या हम कोई ब्रह्मचारी हैं, किसी से पीछे हैं...आखिर इंडिया से मुकाबला है।

एमपी हॉस्टल में रखा क्या है?

पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली के एक मुंहफट मेंबर जमशेद दस्ती ने अभी कुछ दिन पहले मालूम नहीं किस झोंक में पर्लियामेंट के भरे सेशन में कह डाला कि एमपी हॉस्टलों में मुजरे और शराब के सिवा रखा क्या है? और मेरे पास इसकी वीडियो मौजूद हैं।

पूरी संसद ने पहले तो जमशेद दस्ती की कडी निंदा की। और फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने, जो आम दिनों में एक-दूसरे की शक्ल बर्दाश्त नहीं करते, मिलकर एक प्रस्ताव स्पीकर को पेश किया कि इस बदतमीज से सांसद की सीट वापस ले ली जाए।

सब समझ रहे थे कि मुंहफट दस्ती साहब इन मेंबरों की जान को हिटलर हो जाएंगे, लेकिन वो तो स्पीकर की चेतावनी के बाद भीगे तीतर की तरह ऐसे चुप हुए जैसे जीभ कट गई हो।

परंतु ये वही दस्ती साहब हैं जिन्होंने अपने इलाके में एक कॉलेज के प्रिंसिपल को इसलिए कूट डाला कि बेचारे ने उनकी सिफारिश पर किसी स्टूडेंट को दाखिला देने से मना कर दिया था।

पंजाब एसेंबली के एक मेंबर ने पिछले महीने एक अस्पताल में ड्यूटी करने वाले सीनियर डॉक्टर को झापड खींच मारा। कुसूर ये था जब हजरत मेंबर साहब डॉक्टर के पास आए तो उसने उठकर सलाम क्यों नहीं किया?

करोड़पति की जाली डिग्री

इस्लामाबाद, लाहौर, कराची, पेशावर, क्वेटा में कौन माई का लाल कांस्टेबल है जो किसी मेंबर पर्लियामेंट को लालबत्ती तोडने पर रोक ले? चालान का मतलब तुरंत इनक्वायरी या तबादला....कांस्टेबल का।

लोकसभा में तो फिर भी आधे सदस्य करोडपति हैं पाकिस्तानी पर्लियामेंट में अगर दो चार से ज्यादा लखपति मिल जाएं, तो मुझे भी बताइएगा।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से ज्यादा इनकम टैक्स तो मैं भरता हूं, फिर भी नवाज शरीफ बदनाम हैं कि उनके पास करोडों डॉलर की संपत्ति है।

इससे आप बाकी सांसदों की गरीबी का अंदाजा लगा लें। पाकिस्तान की पिछली पर्लियामेंट में आधे सांसदों की डिग्रियां या तो जाली थीं या फिर ऐसी यूनिवर्सिटियों की थीं जिन्हें डिग्रियों की जांच करने वाला हॉयर एजुकेशन कमीशन भी नहीं पहचानता।

हल्ला गुल्ला मचने पर इस संदर्भ में जब कडी जांच शुरू हुई तो कुछ ही दिनों में यह जांच किसी बीच के स्टेशन पर खडी रह गई और लोकतंत्र की ट्रेन आगे निकल गई।
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अपराधियों को सजा हो भी जाए तो...

अच्छी बात है कि हिन्दुस्तान हो या पाकिस्तान, दोनों जगह जब तक सजा घोषित न हो जाए तब तक संसद सदस्य मासूम ही रहते हैं। हां, सजा मिल जाए तो उसे अपनी सीट छोडनी पडती है।

भारतीय लोकसभा हो या पाकिस्तानी नेशनल एसेंबली दोनों की उम्र पाँच वर्ष होती है, फर्ज करें कि मैंने आज किसी का अपहरण किया है और मुझ पर मुकदमा भी चल रहा है, तो फिर....दस साल से पहले अगर मेरे केस का फैसला हो जाए तो उसके साथ साथ जो चोर की सजा, वो भी मेरी।

तब तक तो दो चुनाव आराम से गुजर चुके होंगे, तब तक तो मैं कडकपति से करोडपति बन चुका होऊँगा, तब तक तो पोलिटिकल इस्टैब्लिशमेंट में मेरी जडें बरगद की तरह फैल चुकी होंगी, तब तक तो मुकदमा करने वाले मुझसे पैसा, प्लॉट और नौकरी ले कर खा पी भी चुके होंगे। अब करे ले लोकतंत्र जो करना है।
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