पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी
पाकिस्तान का कहना है कि किसी भी मुद्दे को हल करने के लिए वार्ता ही एकमात्र जरिया है। पाकिस्तान की तरफ से ये प्रतिक्रिया शुक्रवार को भारत की तरफ से दोनों देशों के बीच विदेश मंत्री स्तर की मुलाकात निरस्त करने के बाद आई।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा, आंतरिक दबावों में भारत के ऐसा फैसला करने से लग रहा है कि वहां अगले साल होने वाले चुनावों की तैयारी की जा रही है। दुनिया को देखना चाहिए कि पाकिस्तान परिस्थितियों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाए हुए है, जबकि भारत का रवैया बहुत स्पष्ट नहीं है। हम सम्मानित तरीके से वार्ता चाहते हैं।
भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रह चुके अब्दुल बासित ने कहा, वह भारत के इस कदम से हैरान हैं। नई दिल्ली को चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस पर पहले ही सहमत नहीं होना चाहिए था। अब बैठक के लिए सहमत होने के बाद पीछे हटना ज्यादा हैरानी भरा है।
विदेशी मामलों के पूर्व सलाहकार सरताज अजीज ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह शांति के लिए माहौल बना सकती थी। पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी ने कहा, इस फैसले ने उन्हें आगरा शिखर सम्मेलन की याद दिला दी। तब हर कोई संयुक्त बयान के लिए तैयार था। तभी भारत ने आखिरी मिनट में ये निर्णय वापस ले लिया।