कुरैशी ने कहा था, ‘मेरी जानकारी के अनुसार वह (मसूद) पाकिस्तान में है। वह इस हद तक बीमार है कि उसका घर से बाहर निकलना भी मुश्किल है, क्योंकि वह वास्तव में बीमार है।’ उनकी टिप्पणी तब आई जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान के दोस्त चीन सहित 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक बयान में जैश ए मोहम्मद का नाम लेते हुए पुलवामा हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे ‘जघन्य तथा कायराना’ हमला करार दिया।
बीबीसी को दिए साक्षात्कार में कुरैशी ने कहा कि पंजाब सरकार ने जैश ए मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मुख्य केंद्र को कब्जे में ले लिया है।वह बहावलपुर स्थित मदरसातुल साबिर और जामा ए मस्जिद सुभानअल्लाह का नियंत्रण प्रांतीय सरकार द्वारा अपने हाथों में लिए जाने का हवाला दे रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘भारत को कार्रवाई योग्य सबूत देने चाहिए जिससे कि मामला दर्ज किया जा सके।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी अदालत स्वायत्त हैं और मामले को आगे बढ़ाने के लिए सबूत की आवश्यकता है। मौजूदा स्थिति पर कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान की नयी सरकार की नयी सोच है और संघर्षों का समाधान केवल वार्ता से हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘स्थिति अब भी बहुत नाजुक है, दोनों देशों के सशस्त्र बल अब भी हाई अलर्ट पर हैं।’
कुरैशी ने कहा, ‘हम परमाणु हथियार संपन्न पड़ोसी देश हैं, क्या हम युद्ध का जोखिम उठा सकते हैं?’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान स्थिति को शांत करना चाहता है। भारतीय मीडिया का एक तबका गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहा है और युद्धोन्माद फैला रहा है।
(इनपुटः भाषा)