'98 फीसदी पाकिस्तानी किस न किसी अन्य देशों के लिए एजेंट का काम करते हैं। करीब 40.4 फीसदी पाकिस्तानी भारतीय खुफिया एजेंसी के एजेंट हैं। 33.3 फीसदी अमेरिकी, 11 फीसदी ब्रिटेन, 6.2 फीसदी ईरानी, 3.1 फीसदी अफगानी और 1.1 फीसदी ग्वाटेमेला खुफिया एजेंट के लिए काम करते हैं।' पाकिस्तान के मशहूर अखबार डॉन में नदीप एफ पारचा ने यह बात लिखी है।
उन्होंने अखबार में ''Sensational exposé: Security leaks confirm 98.7% Pakistanis are foreign agents'' ( सनसनीखेज खुलासा : सुरक्षा दस्तावेज में 98.7 फीसदी पाकिस्तानी विदेशी एजेंट ) शीर्ष के साथ एक 'व्यंग्य' लिखा है।
उन्होंने लिखा है कि "हमारी जांच में यह बात की पुष्टि हुई है कि एक पाकिस्तानी युगांडा एजेंट ने जब खुफिया की जानकारी का खुलासा किया तब युगांडा सरकार ने पाकिस्तानी एजेंट का मासिक वजीफा रोक दिया। हम जानने की ये कोशिश कर रहे हैं कि युगांडा की खुफिया एजेंसी पाकिस्तानी एजेंट से क्या करवाना चाहता था।"