पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने दावा किया है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने उन्हें देश छोड़ने में मदद की थी। सोमवार रात पाकिस्तान के एक चैनल दुनिया न्यूज पर एक टॉक शो के दौरान मुशर्रफ ने कई खुलासे किए।
मुशर्रफ ने कहा, "ठीक है, उन्होंने (राहील शरीफ) ने मेरी मदद की थी। इस मदद के लिए मैं उनका बहुत आभारी भी हूं। मैं सेना प्रमुख रहते हुए उनका बॉस था, उन्होंने मदद की। मेरे खिलाफ सारे मामलों का राजनीतिकरण हो गया था। मेरे खिलाफ चल रहे केस को राजनीतिक मुद्दा बना दिया गया।'
टॉक शो में एंकर ने मुशर्रफ से जब ये पूछा कि राहिल शरीफ ने उन्हें किस तरह से मदद की, तो मुशर्रफ ने कहा कि रहील ने अदालतों को अपने प्रभाव में लिया। पाकिस्तानी अदालतों पर टिप्पणी करते उन्होंने कहा किअफसोस है कि यह कहना पड़ता है। ऐसा नहीं कहना चाहिए, लेकिन हमारी न्याय व्यवस्था को हद और इंसाफ की ओर आ जाना चाहिए।
मुशर्रफ यही नहीं रुके उन्होंने आगे कहा, 'ये अदालतें पर्दे के पीछे दबाव में आकर काम करती हैं और तब फैसला सुनाती हैं। पर्दे के पीछे अदालतों पर मेरे खिलाफ कार्रवाई करने करने के लिए जो राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था, उसे हटाने में सेना प्रमुख रहील शरीफ ने भूमिका निभाई।'
इसी साल मार्च में मुशर्रफ अपना इलाज कराने के लिए दुबई गए थे। उनका नाम नवाज शरीफ सरकार ने ECL सूची में डालकर उनके पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक लगा दी थी।
बता दें कि साल 1999 में मुशर्रफ ने नवाज शरीफ सरकार का तख्ता पलट कर दिया था और खुद पहले देश के सैनिक शासक और फिर राष्ट्रपति बन गए थे। नवाज शरीफ ने ही मुशर्रफ को पाक सेना प्रमुख पद के लिए चुना था।