पाकिस्तान में पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को अगले महीने होने वाले आम चुनावों में अपनी किस्मत आजमाने की इजाजत मिल गई है।
जनरल मुशर्रफ़ पाकिस्तान के सुदूर उत्तर में स्थित ज़िले चितराल से प्रत्याशी होंगे। इससे पहले देश की दो अन्य सीटों से उनका नामांकन ख़ारिज कर दिया गया था।
पूर्व सेना प्रमुख भी रह चुके मुशर्रफ़ ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ का तख्तापलट के बाद लगभग नौ साल तक पाकिस्तान में अपनी हुकूमत चलाई लेकिन फिर उन्हें मजबूर होकर सत्ता छोड़नी पड़ी।
पिछले चार-पांच वर्षों से वो विदेश में रह रहे थे लेकिन कुछ ही दिन पहले वो एक लंबे अर्से के बाद अपने देश वापस लौटे हैं।
आरोप
मुशर्रफ़ फ़िलहाल अपने कार्यकाल से संबंधित कई आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनमें से एक आरोप यह है कि वह 2007 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टों की हत्या से पहले उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने में नाकाम रहे थे।
वह बलूचिस्तान के जनजातीय नेता नवाब अकबर बुग्ती की हत्या में शामिल होने और नवंबर 2007 में पूरी न्यायपालिका को बंधक बनाने के आरोपों का भी सामना कर रहे हैं। लेकिन पूर्व राष्ट्रपति ने अपने ख़िलाफ दायर मामलों को “आधारहीन” और राजनीति से प्रेरित बताया है।
पिछले सप्ताह अधिकारियों ने कुछ आपत्तियों के चलते कसूर से मुशर्रफ़ का नामांकन पत्र ख़ारिज कर दिया था। लेकिन अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर स्थित चितराल में अधिकारियों ने कहा कि उनके दस्तावेज़ सही हैं।
नामांकन अधिकारी जमाल ख़ान ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि वह अभी तक दोषी साबित नहीं हुए हैं, इसलिए हम उन्हें अयोग्य नहीं ठहरा सकते हैं।