पनामा घोटाले के आरोपों में घिरे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ गुरुवार को पाक सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई संयुक्त जांच समिति के सामने पेश हुए। इसके लिए नवाज शरीफ राजधानी इस्लाबाद की ज्यूडिशियल अकादमी पहुंचे।
पाकिस्तानी पेपर डॉन की खबर के मुताबिक नवाज कड़े रुख के जरिए विपक्षियों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मैंने और मेरे परिवार ने जांच में पूरा सहयोग करते हुए सभी फाइनेंसियल जानकारियां जेआईटी मुहैया करा दी है। यहां तक कि इसमें मेरे जन्म से पहले की भी ट्रांसजेक्शन्स भी शामिल हैं। बता दें कि जेआईटी पनामा मामले में नवाज के खिलाफ कई महीनों से जांच कर रही है।
Pakistan PM Nawaz Sharif appears before Panama papers joint investigation team: Pak media (file pic) pic.twitter.com/rD5rHrJMpK
— ANI (@ANI_news) June 15, 2017
पाकिस्तानी वेबसाइट डॉन के मुताबिक ये स्पेशल बेंच धारा 184/3 के तहत मामले की जांच कर रही है। जांच में ये पता लगाया जा रहा है कि आखिर पैसा कैसे कतर पहुंच पाया। दरअसल, इस बड़े मामले की सुनवाई पांच जजों की पीठ कर रही है। मामले में नवाज के तीनों बच्चे मरियम, हसन और हुसैन नवाज का नाम भी उठा है, जिनकों लेकर जजों का मत 3-2 में रहा था। आरोपों में घिरने के बाद नवाज के परिजनों ने कथित तौर पर इसे एक राजनीतिक घेराव का नाम दिया था।
इससे पहले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पानामागेट स्कैंडल पर चुप रहने के लिए शरीफ ने उन्हें 10 अरब रुपये का ऑफर दिया था। हालांकि, सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। हालांकि इमरान ने यह भी साफ किया कि शारीफ ने यह प्रस्ताव सीधे तौर पर नहीं दिया था बल्कि यह ऑफर उनके तरफ से आया था।