पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर्स लीक मामले में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने यह कार्रवाई उस याचिका पर सुनवाई के आधार पर की, जिसमें भ्रष्टाचार और अवैध रूप से विदेश में संपत्ति बनाने के आरोप में शरीफ को अयोग्य ठहराने की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ प्रमुख इमरान खान समेत कई याचिकाकर्ताओं का पक्ष सुना। उन्होंने नवाज शरीफ और उनके परिवार पर पनामा पेपर्स लीक के बाद विदेश में पैसे हस्तांतरित करने का आरोप लगाया। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि पैसे हस्तांतरित करने से स्पष्ट हो जाता है कि ब्रिटेन में शरीफ परिवार की संपत्ति है।
शरीफ एक राजा के समान व्यवहार कर रहे हैं,
नवाज शरीफ
नवाज शरीफ के अलावा कोर्ट ने उनकी बेटी मरियम नवाज, बेटे हसन और हुसैन नवाज, उनके दामाद मोहम्मद सफ्दार, वित्त मंत्री इश्त्याक डार, फेडरल इंवेस्टीगेशन एजेंसी के महानिदेशक, फेडरल रेवेन्यू बोर्ड के चेयरमैन और अटॉर्नी जनरल को नोटिस भेजा है। नवाज शरीफ को अयोग्य करार देने की मांग वाली याचिका पर तीन जजों की खंडपीठ ने सुनवाई की।
खंडपीठ में चीफ जस्टिस अनवर जहीर जमाली, जस्टिस इजाजुल अहसान और जस्टिस खिलजी आरिफ हुसैन शामिल थे। खंडपीठ ने याचिका पर शुरुआती सुनवाई के बाद इसे दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।
याचिका पर सुनवाई के दौरान क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान कोर्ट में मौजूद थे। बाद में मीडिया से बातचीत में खान ने कहा कि शरीफ एक राजा के समान व्यवहार कर रहे हैं, लेकिन वे उन्हें कानून के सामने जवाबदेह बनाकर ही दम लेंगे। खान ने कहा कि देर से मिला न्याय नहीं मिलने के समान होता है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि उक्त मामले की सुनवाई जल्द पूरी हो जाएगी।