फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब तक सबसे निचले स्तर पर पाकिस्तानी रुपया, विदेशी मुद्रा भंडार भी गिरा

Tue, 12 Jun 2018 11:49 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की करेंसी का हाल सबसे बुरा हो गया है। पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक ने लगातार तीसरी बार रुपये की कीमत में कटौती की है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) द्वारा दिसंबर से लेकर के अब तक 14 फीसदी घटा दी है। 
विज्ञापन


119 रुपये पहुंची कीमत
एक डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया 119.85 रुपये का हो गया है। चर्चा है कि इस स्थिति से उबरने के लिए वह आईएमएफ से कर्ज लेगा। इससे पहले उसने 2013 में आईएमएफ से कर्ज लिया था। विशेषज्ञों का कहना है कि आईएमएफ करेंसी की वैल्यू घटाने के लिए कह सकता है। इसलिए पाकिस्तान यह दिखाना चाहता है कि वह पहले से इसकी तैयारी कर रहा है।

125 रुपये के पार जा सकता है पाकिस्तानी रुपया
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक का आकलन है कि साल के अंत तक पाकिस्तानी करेंसी की वैल्यू 125 रुपये तक गिर सकती है। हालांकि कुछ ट्रेडर्स का कहना है कि एसबीपी ने कीमत नहीं घटाई। डॉलर की मांग बहुत ज्यादा बढ़ने से पाकिस्तानी करेंसी कमजोर हुई है। एसबीपी ने हस्तक्षेप नहीं किया और इसे गिरने दिया। 
विज्ञापन


चीन से मांगी मदद
रुपये को लगातार गिरने से रोकने के लिए पाकिस्तान ने अपने पुराने दोस्त चीन से मदद मांगी है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर उसने मदद नहीं की तो फिर पाकिस्तान की इकोनॉमी पर आगे चलकर काफी संकट में आ सकती है। पाकिस्तान अपना आयात को घटाने पर जोर देना चाहता है और निर्यात को बढ़ावा देना चाहता है। 
विज्ञापन

सिर्फ 10 अरब डॉलर बचा विदेशी मुद्रा भंडार

20 लाख करोड़ रुपए (भारतीय) की इकोनॉमी वाले पाकिस्तान का चालू खाते का घाटा (सीएडी) जीडीपी के 5.3% तक पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ 10 अरब डॉलर का रह गया है। यह तीन साल में सबसे कम है और इससे सिर्फ दो महीने का आयात किया जा सकता है। 

छह माह में विकासशील देशों की करेंसी का प्रदर्शन 
पाकिस्तान-- 14.00% 
फिलिपींस पिसो-- 5.32% 
भारतीय रुपया-- 4.73% 
इंडोनेशिया रुपिया-- 2.80% 
चाइनीज युआन-- 3.32% 
द.कोरिया वॉन-- 1.55% 
ताइवान डॉलर-- 0.66% 

भारत पर भी पड़ेगा असर 
पाकिस्तान मुख्य रूप से गारमेंट और चावल के निर्यात में भारत को टक्कर देता है। कुछ हद तक सीमेंट और इंजीनियरिंग गुड्स में भी। कम विकसित देश होने के कारण पाकिस्तान से आयात पर यूरोप में कोई शुल्क नहीं लगता, जबकि विकासशील देश होने के नाते भारत से आयात पर शुल्क लगता है। करेंसी सस्ती होने से पाकिस्तान का निर्यात ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो सकता है। 

पाकिस्तान से 8 गुना बड़ी भारत की जीडीपी 
पैमाना                   भारत            पाक 
जीडीपी                  160              20 (लाख करोड़ रुपये) 
सीएडी                   1.5%            5.3% (जीडीपी के मुकाबले) 
विदेशी मुद्रा भंडार    412              10 (अरब डॉलर) 
(भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीने के आयात के लिए काफी है, जबकि पाकिस्तान के पास सिर्फ दो महीने के लायक विदेशी मुद्रा है) 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें