पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तान वायु सेना के ताजा हमलों ने वजीरिस्तान में रह रहे हजारों पश्तूनों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। खैबर पश्तूनख्वां में रहने वाले लोग पाक सेना के हमलों के बाद भागकर सीमा पार अफगानिस्तान में शरण ली है।
शनिवार को अफगानिस्तान के खोस्त में एक शरणार्थी शिविर में पहुंचे एक पीड़ित ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी पूर्व सूचना के हम लोगों पर बमबारी शुरू कर दी। तालिबान के नाम पाक सेना ने आम लोगों को निशाना बनाकर पश्तूनों के वजूद को खत्म कर दिया है। अपनी परेशानी बयां करते एक दूसरे पश्तून ने कहा, ‘कभी पाकिस्तानी सेना अमेरिका से, तो कभी पड़ोसी देशों से लड़ते रहती है। हम वजीरिस्तान के लोग कभी आतंक का साथ नहीं देते हैं। इसके बावजूद हमें निशाना बनाया जाता है।’
वजीरिस्तान एक पहाड़ी क्षेत्र है और यह पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर उत्तरी और दक्षिण क्षेत्र को बांटती है। शरणार्थियों में एक पाकिस्तानी पश्तून ने कहा कि पाकिस्तान की सेना और सरकार दोनों जानती है कि आतंकी इस्लामाबाद और कराची में छिपे हैं और वे वहीं से आतंकी नेटवर्क को चलाते हैं। इसके बावजूद पाक सेना निर्दोष पश्तूनों को निशाना बनाती है। लोगों का कहना है कि वे पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों से त्रस्त हैं।