पाकिस्तान में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। बता दें इस साल पाकिस्तान से करीब पांच मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता गायब हो चुके हैं। सलमान हैदर नाम के एक कार्यकर्ता तो अपने घर वापस लौट आए थे। लेकिन उनकी तरह लापता बाकी के कार्यकर्ताओं का अभी तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है।
लेकिन अब दूसरे मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान में अपने ऊपर होने वाले अन्याय के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। पाकिस्तानी कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन कार्यकर्ताओं के लापता होने के पीछे पाकिस्तान की सेना का हाथ है।
बलूच कार्यकर्ता नवाज बुग्ती का कहना है कि पाक सेना ने 26 अप्रैल को 6 बलूच कार्यकर्ताओं पर आतंकी होने के झूठे आरोप लगाकर उन्हें मार डाला। इसी मामले में दूसरी कार्यकर्ता नाएला बलूच ने कहा कि ये वो वक्त है जब विश्व को देखना चाहिए कि पाकिस्तान और उसकी सेना बलूचिस्तान में क्या कर रही है। हमारे साथ बर्बरता की जा रही है, हमारे अधिकार छीने जा रहे हैं।
एक अन्य कार्यकर्ता मजदक बलूच ने चाइना पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर(सीपीईसी) पर कहा कि हम सीपीईसी को विकास के कार्यक्रम की तरह नहीं देख रहे हैं। इसे नरसंहार और आक्रमण के रुप में देख रहे हैं। हमें पाकिस्तान और चीन से कोई मतलब नहीं है।