आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने फरवरी में सीरिया गई और हथियार चलाने का प्रशिक्षण लेने वाली 20 वर्षीय मेडिकल छात्रा ने कहा है कि उसे लाहौर में ईस्टर पर एक चर्च में हमला करने के लिए आत्मघाती हमलावर के तौर पर इस्तेमाल किया जाना था।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर द्वारा चलाए गए एक वीडियो में नौरीन ने स्वीकार किया कि इस्लामिक स्टेट उसे ईस्टर संडे पर चर्च पर हमला करने के लिए आत्मघाती विस्फोटक के रूप में इस्तेमाल करने वाला था। महिला ने कहा कि उसे आईएसआईएस ने दो आत्मघाती जैकेट, चार ग्रेनेड और कुछ गोलियां दी थी।
गौरतलब है कि शुक्रवार को पुलिस मुठभेड़ में पति की हत्या के बाद इस छात्रा को गिरफ्तार किया गया था। मेडिकल रिपोर्ट में यह बताया गया कि आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने के यह महिला फरवरी में सीरिया जा चुकी है और वहां पर इसने हथियार प्रशिक्षण भी लिया था।