पाकिस्तान की गिरफ्त में रह रहे भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाक की मिलिट्री अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा पर भारत का रुख तल्ख हो गया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब कर लिया है।
मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि इस मामले में पाकिस्तान के द्वारा न्याय के नैसर्गिक सिद्धांत और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। भारत की ओर से कुलभूषण जाधव को दी गई फांसी की सजा को सुनियोजित हत्या करार दिया गया है। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि 'यह महत्वपूर्ण है कि हमारे उच्चायोग को भी सूचित नहीं किया गया कि कुलभूषण जाधव पर मुकदमा चलाया जा रहा है'।
वहीं रॉ के पूर्व चीफ एस दुल्लत ने कहा कि पाकिस्तान में कुछ भी संभव है वो अपने पूर्व प्रधानमंत्री को फांसी पर लटका सकते हैं तो दूसरे देश के नागरिकों के लिए तो यह आम बात है। बता दें कि ईरान में व्यापार करने वाले पूर्व नेवी अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की मिलिट्री अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है, खुद पाक आर्मी चीफ एस बाजवा ने इस बात की जानकारी दी।
पाकिस्तान की ओर से जाधव को रॉ का जासूस बनाकर उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा रहा था। जाधव को बीते मार्च को ब्लूचिस्तान सीमा से गिरफ्तार करना बताया गया था। हालांकि भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को नकारते हुए कहा था कि संभव है जाधव का अपहरण कर उन्हें ईरान से ब्लूचिस्तान लाया गया हो। बता दें कि कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान ने कथित रूप से जाधव के रॉ एजेंट होने के कबूलनामे का वीडियो भी जारी किया था। जिसे भारत ने पूरी तरह नकारते हुए इसे दबाव में दिया गया बयान बताया था।
It is significant that our High Commission was not even informed that Kulbhushan Jadhav was being brought to trial: MEA in demarche to Pak
— ANI (@ANI_news) April 10, 2017
If basic norms of law & justice are not obsereved Govt & ppl of India will regard it as premeditated murder-MEA in demarche to Pak on Jadhav
— ANI (@ANI_news) April 10, 2017
Foreign Secy summoned Pak High Comm Abdul Basit & issued demarche saying proceedings that led to sentence of Kulbhushan Jadhav are farcical
— ANI (@ANI_news) April 10, 2017