पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) मियां साकिब निसार ने देश में फर्जी पायलटों की डिग्री पर सुनवाई करते हुए पाक पीएम शाहिद खाकान अब्बासी को समन जारी किया है। सीजेपी ने यह समन पाकिस्तानी एयरलाइंस के प्रमुखों को भी भेजा है। सुप्रीम कोर्ट की यह कार्रवाई पाक सिविल एविएशन अथॉरिटी (सीएए) द्वारा उसे दी गई जानकारी के बाद की गई है।
पाक अखबार डॉन ने पाक सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कहा है कि यह विभागीय हितों में टकराव का मुद्दा नहीं है। सीजेपी ने कहा कि अब्बासी को अदालत में प्रधानमंत्री के रूप में नहीं बल्कि एयरलाइंस के सीईओ के बतौर मौजूद रहना होगा।
पाकिस्तान में पायलटों की फर्जी डिग्री की जानकारी देते हुए सीसीए ने कहा कि पाक इंटरनेशनल एयरलाइंस के 24 पायलट और 67 क्रू मेंबर फर्जी डिग्री के साथ पकड़े गए हैं। मामला सामने आने के बाद 17 पायलटों ने इस्तीफा दे दिया जबकि सात को अदालत से स्थगन आदेश मिल गया है।
सीजेपी सुप्रीम कोर्ट में तीन सदस्यों वाली बेंच का भी नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला पिछले चार माह से अदालत में पेंडिंग पड़ा है जबकि इस संबंध में अदालत में एक भी रिपोर्ट तक जमा नहीं कराई गई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीएए ने पाकिस्तान की सभी एयरलाइंस कंपनियों के कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच शुरू की है। इसके तहत पीआईए के 1,972 कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच में विमान परिचालन से जुड़े 91 कर्मचारियों के फर्जी डिग्रियों का सहारा लेने का पता चला। अब दोषियों पर कार्रवाई हो रही है।
इसलिए फंसेंगे पाक पीएम अब्बासी
सुप्रीम कोर्ट में सीएए की तरफ से पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पीआईए के मौजूदा 451 पायलटों में से 319 की डिग्री/प्रमाण पत्र सही पाए गए हैं, जबकि 124 पायलटों की डिग्री/प्रमाण पत्रों की जांच चल रही है।
फर्जी डिग्री वाले सात पायलट अब भी काम कर रहे हैं क्योंकि अदालत ने उनके पक्ष में स्थगन आदेश दिया है। पीआईए के बाद अब निजी एयरलाइंसों की बारी है। इनमें शाहीन एयर, एयर ब्लू और सेरेने एयर के पायलटों व क्रू सदस्यों की जांच की जाएगी। इस जांच में अब्बासी के फंसने की पूरी आशंका है, क्योंकि वे एयर ब्लू के सीईओ और अध्यक्ष हैं।