पाकिस्तान के सूचना मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने कहा कि यह देश संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव से बंधा हुआ है। हमने लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन समेत हाफिज सईद के संगठनों से कोई प्रतिबंध नहीं हटाया है।
हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद -1267 के तहत यूएन प्रस्ताव से बंधे हुए हैं, लिहाजा प्रतिबंध हटाने का कोई सवाल ही नहीं। आतंक विरोधी अध्यादेश निरस्त होने के कारण इस तरह की कुछ गलतफहमियां पैदा हो जाती हैं।
सूचना मंत्री का यह बयान अक्तूबर में सईद के वकील के बयान के बिल्कुल विपरीत है। सईद के वकील ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट को बताया था कि इन संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का अध्यादेश निरस्त हो चुका है। उस समय पाकिस्तान सरकार ने इस मामले को न तो खारिज किया था और न ही इसकी पुष्टि की थी, लेकिन भारत और अमेरिका ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी?