पाकिस्तान ने इमरजेंसी के मामले में मालदीव का साथ देने से साफ इनकार कर दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने मालदीव के विदेश मंत्री से उनकी पाक यात्रा के दौरान कहा कि इस्लामाबाद मालदीव के राष्ट्रपति की आपातकाल लागू करने की मुहिम के साथ नहीं है।
यह जानकारी शनिवार को मीडिया रिपोर्टस से मिली। पीएम अब्बासी ने मालदीव के विदेश मंत्री मोहम्मद आसिम से कहा कि हम मालदीव के आंतरिक मामलों में किसी भी तरह का दखल नहीं देंगे। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक अब्बासी ने कहा कि हमारी सरकार 2007 में मुशर्रफ की पाक में इमरजेंसी के बारे में मुखर है, तो हम मालदीव में इमरजेंसी का समर्थन कैसे कर सकते हैं।
बता दें कि पिछले दिनों आपातकाल घोषित किए जाने के पहले से ही देश में राष्ट्रपति यामीन का विरोध हो रहा था। इसके चलते उन्होंने 5 फरवरी को देश में 15 दिन के लिए इमरजेंसी लगा दी थी।ऐतिहासिक रूप से महाद्वीप में हो रही हलचल के बाद भारत और चीन दोनों की नजर मालदीव पर टिकी है और भारत ने मालदीव में चीन के बढ़ते प्रभाव से पीछे हटने की मांग की थी लेकिन यामीन ने अपनी दोस्ती चीन और सऊदी अरब से बढ़ाई है क्योंकि दोनों देशों ने इस महाद्वीप में बहुत निवेश किया है।
इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्यों मालदीव इन दिनों सभी की आंख का तारा बना हुआ है क्योंकि वो हिंद महासागर में वहां स्थित है उसपर भारत, चीन सहित कई देशों की नजर है।
बता दें कि मालदीव संकट तब और बढ़ गया जब यामीन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व राष्ट्रपति नाशीद की रिहाई के साथ नौ अन्य विपक्षी नेताओं को रिहा करने के आदेश दे दिया था। उसके बाद राष्ट्रपति यामीन ने सुप्रीम कोर्ट के पांच जज सहित सभी को गिरफ्तार करने का निर्देश जारी कर दिया था। बता दें कि निष्कासित राष्ट्रपति नाशीद पहले लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेता थे।