फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिंधु समझौते के रिव्यू पर बोला पाक- यह आर्थिक आतंकवाद

Tue, 27 Sep 2016 09:45 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सरताज अजीज
विज्ञापन
सिंधु जल समझौते पर भारत के कड़े रुख ने पाकिस्तान की सियासत में खलबली मचा दी है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज का कहना है कि भारत सिंधु जल समझौता खुद नहीं तोड़ सकता। ये अन्तरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा।
विज्ञापन


ऐसा होने की स्थिति में पाकिस्तान अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय का रुख कर सकता है। अजीज ने यह भी कहा कि यह आर्थिक आतंकवाद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजीज ने स्पष्ट किया है कि सिंधु जल समझौता कारगिल युद्ध और सियाचिन युद्ध की विकट परिस्थितियों में भी रद्द नहीं किया गया था।

सरताज अजीज का का यह बयान भारत के प्रधानमंत्री मोदी की 56 साल पुरानी सिंधु जल संधि की समीक्षा बैठक के बाद आया है। इस बैठक ने पीएम ने कहा था कि रक्त और पानी एक साथ नहीं बह सकते।
विज्ञापन

मोदी ने कड़े कदम उठाने का दिया था संकेत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : Getty Images
पीएम मोदी के इस बयान ने पाकिस्तान को ये संकेत देने की कोशिश की थी, भारत सिंधु जल समझौते को लेकर कड़े कदम उठा सकता है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव एस. जयशंकर, जल संसाधन सचिव शशि शेखर और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस बैठक में पीएम ने जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सिंधु जल समझौते के तहत भारत को मिलने वाले पानी के उपयोग की कार्ययोजना तैयार करें।

जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि समझौता तोड़े बिना भी भारत अपने हिस्से का पानी ले सकता है। बैठक में यह भी कहा गया कि अब सिंधु जल आयोग की बैठक ‘सिर्फ आतंक मुक्त माहौल में ही हो सकती है।’ 

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने बैठक में इच्छा व्यक्त की कि भारत अपने हिस्से के पूरे पानी का उपयोग करने का रास्ता तलाशे। हालांकि, भारत अपनी ओर से वैधानिक रूप से समझौते का कोई उल्लंघन नहीं करेगा, लेकिन सद्भाव और विश्वास के माहौल में पाकिस्तान को दिया जा रहा अपने (भारत) हिस्से का पानी भी नहीं देगा।
विज्ञापन

भारत पाक से छीनेगा 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' दर्जा

सिंधु समझौते पर अपने रुख पर अड़े भारत ने समीक्षा बैठक के एक दिन बाद ही पाकिस्तान को दिए गए मोस्ट फेवर्ड नेशन के दर्जे के लिए भी बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 सितंबर को इस संदर्भ में बैठक करेंगे।

इस बैठक में विदेश और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी बैठक में शामिल होंगे।मोदी सरकार का यह कदम उन्हीं कोशिशों का हिस्सा है, जिसके तहत उड़ी हमले के बाद डिप्लोमेटिक तरीकों के अलावा भारत सरकार पाकिस्तान पर दबाव बना रही है।

18 सितंबर को उड़ी हमले में 18 भारतीय सैनिक मारे गए थे, इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान पर दबाव बनाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें