पिछले महीने सिख धर्मगुरु की हत्या
पिछले महीने ही खैबर पख्तूनवा प्रांत के पेशावर में जाने-माने सिख धर्मगुरु चरणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चरणजीत किराना दुकान चलाते थे। इस हमले के बाद भी सिख समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया था और आईएसआई पर उंगली उठाई थी। साल 2016 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सांसद सिख समुदाय के सोरन सिंह की हत्या कर दी गई थी। सोरन सिंह की हत्या की जिम्मेदारी तालिबान ने ली थी।
पाक में सिख कर रहे पलायन
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू और सिख समुदाय के लोग तालिबान का निशाना बनते रहे हैं। कई परिवारों को यूरोप या भारत पलायन करने तक को मजबूर होना पड़ता है। जानकारी के अनुसार पेशावर के 30 हजार सिखों में से 60 प्रतिशत से ज्यादा लोग देश के दूसरे हिस्सों में चले गए हैं। वहीं, कई लोग भारत आकर बस गए हैं।
सिखों का जबरन धर्मांतरण
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सिखों के जबरन धर्मांतरण का मुद्दा भी सामने आता रहा है। प्रांत के हंगू जिले में रहने वाले सिख समुदाय के लोग जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा चुके हैं। समुदाय के लोगों का कहना है कि सरकारी अधिकारी उन्हें इस्लाम स्वीकार करने के लिए बाध्य कर रहे हैं। भारत में यह मुद्दा पाकिस्तानी उच्चायुक्त के सामने भी उठाया जा चुका है।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सिखों के जबरन धर्मांतरण का मुद्दा भी सामने आता रहा है। प्रांत के हंगू जिले में रहने वाले सिख समुदाय के लोग जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा चुके हैं। समुदाय के लोगों का कहना है कि सरकारी अधिकारी उन्हें इस्लाम स्वीकार करने के लिए बाध्य कर रहे हैं। भारत में यह मुद्दा पाकिस्तानी उच्चायुक्त के सामने भी उठाया जा चुका है।