इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों को प्रताड़ित करने वाले पाकिस्तान ने अपना दोष छिपाने के मकसद से उल्टे भारत पर आरोप लगाते हुए नया पैंतरा खेला है। 19-20 मार्च को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सम्मेलन में शामिल होने का न्यौता स्वीकार कर चुके पाक ने अब भारत में पाक राजनयिक के साथ दुर्व्यवहार आरोप लगाते हुए इस सम्मेलन में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। ऐसा करके वह सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों को भारत के खिलाफ संदेश देना चाहता है।
भारत ने पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री परवेज मलिक को डब्ल्यूटीओ की मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा था, जिसे इस्लामाबाद ने पहले स्वीकार लिया था। पाक विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि भारत में लगातार राजनयिकों के परिवारों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के चलते अब परिस्थिति बदल चुकी है और इसलिए उसने फैसला किया है कि वह इस निमंत्रण को स्वीकार न करे।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पाक अखबार द नेशन से कहा, हमने इस बारे में भारत को बता दिया है। हम अपने वाणिज्य मंत्री को अब भारत नहीं भेज रहे हैं।
पाक ने फिर अलापा कश्मीर राग
India-Pakistan
पाक ने फिर अलापा कश्मीर राग
पाक ने यहां भी कश्मीर राग अलापते हुए कहा कि भारत को न सिर्फ नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर युद्धविराम का उल्लंघन रोकना चाहिए बल्कि कश्मीर में भी अत्याचारों को रोकना चाहिए। एक अन्य अधिकारी ने यह तक कहा कि भारत हमें हल्के में नहीं ले सकता है।
वह कश्मीरियों को मारना चाहता है, राजनयिकों का उत्पीड़न कर रहा है, हमारे खिलाफ षड्यंत्र रच रहा है और हमें ही आमंत्रित कर रहा है। इस सम्मेलन में पाकिस्तान के अलावा भारत ने अमेरिका और चीन समेत करीब 50 देशों को आमंत्रित किया है।
पाक ने बैठक से बाहर रहने का फैसला अपने उच्चायुक्त सोहेल महमूद को वापस बुलाने के बाद लिया है। इस बीच पाक अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाने के बाद हालातों से निपटने के लिए विकल्पों को नापतौल रहा है।
पाक में इस तरह होता है भारतीय राजनयिकों का उत्पीड़न
Pakistan on Sunjwan camp of terrorist attack
पाक जानबूझकर सम्मेलन को राजनयिक उत्पीड़न से जोड़ रहा है
भारत ने कहा है कि वह वियना समझौते का पूरी तरह पालन करता है और मानता है कि कूटनीतिक स्तर पर कई मसले हल होने चाहिए। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि अपने राजनयिकों को बातचीत के बुलाना एक सामान्य प्रक्रिया है। जाहिर है पाकिस्तान जानबूझकर इसे राजनयिकों के उत्पीड़न से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
पाक में इस तरह होता है भारतीय राजनयिकों का उत्पीड़न
पाकिस्तान में अक्सर भारतीय राजनयिकों के बच्चों का स्कूल आते-जाते रास्ता रोकने, राजनयिकों के आवास के पानी और बिजली कनेक्शन काटने जैसी हरकतें सामने आई थीं। लेकिन पाकिस्तान ने उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की तर्ज पर भारत पर ही अपने राजनयिकों को प्रताड़ित करने का आरोप लगा रहा है।