पाक अखबार डॉन ने भी माना है कि भारतीय सीमा पर तनाव को लेकर पाक सेना के सरकार से रक्षा बजट को लेकर मतभेद थे। पाक में रक्षा बजट बढ़ोतरी को इस कारण भी भारत के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बढ़े हुए रक्षा बजट के आंकड़ों में सैन्य कर्मचारिओं को आवंटित पेंशन के 260 अरब रुपयों को शामिल नहीं किया गया है। इसे सिविल संसाधनों से जारी किया जाएगा, यानी यह बजट बढ़ोतरी सिर्फ लड़ाई लडऩे वाली सेना के लिए की गई है, जिसका बड़ा मकसद भारत और कश्मीर में पाक की कमजोर पड़ती ताकत को बढ़ाना है।
पहली बार बढ़ाया गया इतना रक्षा बजट
पाक के एक अन्य मशहूर अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक पाक सरकार द्वारा संसद में रखे बजट की खास बात यह है कि देश में पहली बार रक्षा बजट ने 1 खरब के आंकड़े को पार किया है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना के हिसाब से 2018-19 के लिए रक्षा बजट में 180 अरब रुपये की वृद्धि (19.6 फीसदी) की गई है। यदि इसमें आर्म्ड फोर्सेस डेवलपमेंट प्रोग्राम को आवंटित 100 अरब रुपए भी रक्षा बजट में शामिल कर लें तो यह बढ़ोतरी कुल 30 फीसदी हो जाएगी, जो पाक में पहली बार हुई है।
पाक संसद में पेश बजट के दौरान शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान इमरान खान की पार्टी पीटीआई और सत्ताधारी पीएमएल-एन के सांसद आपस में भिड़ गए। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो गया। इस झगड़े के बीच पीटीआई सांसद अमजद नियाजी के झगड़े ने विपक्ष को विरोध प्रदर्शन का मौका दे दिया और सांसदों ने स्पीकर का घेराव कर पेश किए जा रहे बजट के पन्ने फाड़ दिए। तभी सदन से बाहर जा रहे सांसद मुराद अली सरकार विरोधी नारे लगाते हुए मंत्री की तरफ हमलावर होते हुए लपके लेकिन किसी तरह उन्हें काबू किया गया।