पाकिस्तान ने मौत की सजा पाए शारीरिक रूप से अपाहिज की फांसी मंगलवार को स्थगित कर दी है। दोषी ठहराए गए अपाहिज को किस तरह फांसी दी जाए, इस संबंध में पाक में कानूनी अस्पष्टता के चलते फांसी टाली गई है। दरअसल, सजा को अमल में लाने के लिए दोषी को फांसी के तख्ते पर खड़ा होना जरूरी है।
43 वर्षीय अब्दुल बासित को मंगलवार को पाक के पंजाब स्थित फैसलाबाद सेंट्रल जेल में फांसी दी जानी थी। उसे एक शख्स की हत्या के आरोप में 2009 में दोषी ठहराया गया था, लेकिन 2010 में वह पक्षाघात का शिकार हो गया।