पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी करने के साथ अपनी दूसरी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक बार फिर उसने कश्मीरी ‘अलगाववादियों’ के समर्थन की बात कही है। उसने सोमवार को कहा कि कश्मीर मसले के समाधान के बिना इस क्षेत्र में शांति और समृद्धि का सपना साकार नहीं होगा।
पाकिस्तान द्वारा हर साल पांच फरवरी को मनाए जाने वाले ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ के मौके पर राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री
शाहिद खाकन अब्बासी ने अपने अलग अलग संदेशों में ये बातें कहीं। ममनून हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के मुताबिक, कथित ‘खुद मुख्तारी’ को लेकर किए जा रहे संघर्ष में कश्मीर के लोगों को अपना राजनीतिक, नैतिक और राजनयिक समर्थन दोहराता है। वहीं प्रधानमंत्री अब्बासी ने अपने आधिकारिक संदेश में कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की।
अब्बासी ने कहा कि सात दशक से ज्यादा समय गुजर जाने के बावजूद जम्मू-कश्मीर के लोगों को कथित ‘आत्मनिर्णय के उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से किए गए वादे के खिलाफ है।’ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भारत के पास छिपाने के लिए बहुत कुछ है।