पाकिस्तान की संसद ने शुक्रवार को ऐतिहासिक हिंदू अल्पसंख्यक विवाह बिल से संबंधित विधेयक को मंजूरी दे दी। इससे वहां रह रहे हिंदुओं को विवाह से जुड़ा अपना पर्सनल लॉ मिलेगा।
#Pakistan's Parliament passes much-awaited landmark bill to regulate marriages of minority #Hindus in country.
— Press Trust of India (@PTI_News) March 10, 2017
बताते चलें कि इस विधेयक को पारित करने के लिए वहां लंबी बहस चली। इसके बाद संसद में इसे मंजूरी मिली। इससे पहले इस विधेयक को सितंबर में पारित किया गया था। इसके बाद वहां की संसद ने बीते फरवरी महीने में इसमें कुछ संशोधन को स्वीकृति मिली।
नियमों के अनुसार, इस विधेयक को कानूनी रूप से लेने के बाद हिंदू महिलाएं अपनी शादी का दस्तावेज और सबूत हासिल कर लेंगी।
पाकिस्तान में हिंदू विवाह विधेयक
18 फरवरी, 2017 : पाकिस्तानी सेनेट में पास हुआ हिंदू विवाह विधेयक।
27 सितंबर, 2016 : नेशनल असेंबली ने 10 महीने की चर्चा के बाद इस विधेयक को पारित किया।
पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी 1.6 फीसदी है।
- इसमें लड़के और लड़की दोनों के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल तय की गई है।
- इस विधेयक की मदद से हिंदू महिलाएं अपने विवाह का दस्तावेजी सबूत हासिल कर सकेंगी।
- यह पाकिस्तानी हिंदुओं के लिए पहला पर्सनल लॉ होगा जो पंजाब, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में लागू होगा।
- सिंध प्रांत पहले ही अपना हिंदू विवाह विधेयक तैयार कर चुका है।