पाकिस्तान संसद पूरी तरह से सौर ऊर्जा से चलने वाली दुनिया की पहली संसद बन गई है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक सादे समारोह में सौर ऊर्जा वाली संसद भवन का उद्घाटन किया। इस परियोजना में चीन ने 55 मिलियन डॉलर का सहयोग किया है।
शरीफ ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि यह पाकिस्तान और चीन की दोस्ती का एक और बेहतरीन उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से यह पहली बार है कि संसद भवन बिजली के लिए पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो गई है। इस परियोजना की सबसे पहले घोषणा 2014 में हुई थी।
इसकी शुरुआत पिछले साल उस समय हुई जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पाकिस्तान यात्रा पर आए थे। इस सौर ऊर्जा परियोजना की कुल लागत करीब 55 मिलियन डॉलर है जिसे चीन ने उपलब्ध कराया है। समारोह में पाकिस्तान में चीन के राजदूत भी मौजूद थे।