भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में ‘जासूसी’ के लिए मौत की सजा सुनाए जाने को पाकिस्तानी मीडिया ने ‘अभूतपूर्व’ बताया। दूसरी ओर, विशेषज्ञ उसके कूटनीतिक दुष्परिणामों पर ध्यान दिला रहे हैं।
पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव को ‘जासूसी एवं विध्वंसकारी गतिविधियों’ के लिए दोषी ठहराते हुए उन्हें मौत की सजा सुनाई है। सेना की मीडिया शाखा ने सोमवार को एक बयान में कहा कि यह सजा ‘फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल’ ने सुनाई और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने इसकी पुष्टि की।
अंग्रेजी अखबार ‘द नेशन’ ने अपने पहले पेज पर ‘डेथ टू स्पाई स्पाइक्स टेंशन’ (जासूस की सजाए मौत बढ़ा रही है तनाव) शीषर्क से अपनी प्रमुख खबर में टिप्पणी की कि ‘सोमवार को एक सैन्य अदालत ने दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच लंबे समय से जारी तनाव और बढ़ाते हुए हाई प्रोफाइल भारतीय जासूस को सजाए मौत सुनाई।’
अखबार ने राजनीतिक एवं रक्षा विशेषज्ञ डॉ. हसन अस्करी के हवाले से लिखा कि जाधव को फांसी देने का फैसला दोनों देशों के बीच तनाव में और इजाफा करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें यह भी देखना होगा कि पाकिस्तान इसके राजनीतिक एवं कूटनीतिक दुष्प्रभावों को झेल सकता है या नहीं।