पाकिस्तान की ‘कथनी और करनी’ का फर्क उनके राजनीतिक दलों के घोषणापत्र में भी दिख रहा है। देश में 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। दलों ने आतंकवाद और कट्टरवाद को देश के लिए चुनौती माना है। इन दलों का कहना है कि सत्ता में आने पर वे आतंकवाद और कट्टरवाद के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। प्रमुख दलों ने इस बात को स्वीकार किया है कि पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ गया है। घोषणापत्र में देशभर में फैले हजारों मदरसों की शिक्षा प्रणाली में सुधार का वादा किया गया है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका, भारत और अफगानिस्तान लगातार पाकिस्तान पर आतंकियों की सुरक्षित पनाहगाह बनने से रोकने के लिए दबाव डालते रहे हैं। इमरान खान के नेतृत्व वाली पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने देश के नागरिकों में नफरत, भय और घृणा के स्थान पर सहिष्णुता और स्वीकार्यता की भावना को बहाल करने पर जोर दिया है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि देश में आतंकी समूहों, उनको पीछे से मदद व पैसा मुहैया कराने वालों और उनके खिलाफ सहानुभूति रखने वालों के लिए कोई जगह नहीं होगी। सत्ताधारी पीएमएल-एन ने भी अपने घोषणापत्र में चरमपंथ और आतंकवाद को समाप्त करने और देश की सुरक्षा को मजबूत करने की बात कही है।
पाकिस्तान लौटने के बाद नवाज-मरियम के देश छोड़ने पर रोक
लाहौर। पाकिस्तान सरकार ने निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी का नाम एक्जिट कंट्रोल सूची (ईसीएल) में शामिल कर दिया है। शुक्रवार को इस सूची में नाम शामिल होने के बाद से नवाज शरीफ और उनकी बेटी के पाकिस्तान लौटने के बाद से यहां से जाने पर रोक होगी। सरकार की तरफ से यह कदम जवाबदेही अदालत की तरफ से नवाज और उनकी बेटी को भ्रष्टाचार के मामले में सजा सुनाने के बाद उठाया गया है।
आम चुनाव में हमारी प्रत्यक्ष भूमिका नहीं: पाक सेना
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को कहा कि देश में हो रहे आम चुनाव में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। सेना की तरफ से देश में होने वाले चुनाव के लिए 3.71 लाख सैनिकों की तैनाती की गई है। सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने स्पष्ट रूप से उन आरोपों को खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि सेना चुनावों को प्रभावित करने के लिए सरकार और मीडिया पर दबाव बना रही है। गफूर ने कहा कि सेना देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव में अपनी भूमिका अदा कर रही है।