पाकिस्तान में आर्मी के खिलाफ सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पाकिस्तानी फेडेरल इंवेसटिगेशन एजेंसी ने ऐसे 200 लोगों की लिस्ट तैयार की है, जो ट्विट्स और फेसबुक पोस्ट के जरिए आर्मी को बदनाम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें रिपोर्ट्स समेत सत्तारुढ़ नवाज शरीफ के जानकार भी शामिल हैं।
इतना ही नहीं विपक्षी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ से जुड़े लोगों का भी नाम इस लिस्ट में है। इसस पहले जांच एजेंसी ने करीब 40 लोगों को हिरासत में लिया था और उनके मोबाइल व लैप्टॉप जब्त कर लिए। इनके इलेक्ट्रॉनिक सामान को फोरेंसिक जांच के लिए भेज भी दिया गया।
तहरीक-ए-इंसाफ के विरोध के बावजूद ये कदम उठाया गया है। पार्टी के चीफ इमरान खान ने आवाज दबाए जाने पर नाराजगी जताई है और उन्होंने इसके खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान भी किया, लेकिन फिर भी 200 लोगों पर सरकार नजर बनाए हुए है। इसी आरोप में सोशल मीडिया कार्यकर्ता को हिरासत में लिया गया था, बाद में पूछताछ पर छोड़ दिया।