आतंकवाद की पनाहगाह के रूप में पहचाने जाने वाले पाकिस्तान को लेकर स्विस समूह की रिपोर्ट में एक और खुलासा हुआ है। इस ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान दुनिया के उन शीर्ष 50 देशों में शामिल है जहां आतंकी फाइनेंसिंग और मनी लांड्रिंग का सबसे ज्यादा जोखिम है। भारत इस सूची में काफी पीछे है।
दि बासेल इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस द्वारा प्रकाशित एंटी-मनी लांड्रिंग सूचकांक के 2017 के अंक में 146 देशों के भीतर मनी लांड्रिंग और आतंकवाद फाइनेंस के खतरे का आकलन किया है। इस सूची में अफगानिस्तान दूसरे, नेपाल चौदहवें और श्रीलंका 25वें स्थान पर है।
स्विट्जरलैंड स्थित स्वतंत्र संस्था द्वारा 146 देशों की इस सूची में पाकिस्तान को शून्य से दस तक के जोखिम वाले स्केल में 46वें स्थान पर रखा गया है। इस खतरे का औसत स्तर इस साल 6.15 के बराबर है। इसमें भारत ने 5.58 अंक पाकर 88वां स्थान पाया है।
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सबसे ज्यादा एंटी-मनी लांड्रिंग खतरे वाले शीर्ष 10 देशों में ईरान, अफगानिस्तान, गिनी-बिसाउ, ताजिकिस्तान, लाओस, मोजाम्बिक, माली, युगांडा, कंबोडिया और तंजानिया हैं। जबकि तीन सबसे कम खतरे वाले देशों में फिनलैंड, लिथुआनिया और एस्टोनिया हैं।
स्विस समूह ने हाल ही में इस रिपोर्ट को अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है। शीर्ष रैंक प्राप्त ईरान ने 8.60 अंक पाए और सबसे नीचे वाले देशों में फिनलैंड ने 3.04 अंक पाए। पाकिस्तान को इसमें इस साल के औसत अंकों से ज्यादा 6.64 अंक हासिल हुए हैं।