फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आतंकी फंडिंग और मनी लांड्रिंग में दुनिया के शीर्ष 50 देशों में पाकिस्तान

Fri, 08 Sep 2017 05:01 AM IST
एजेंसी/ इस्लामाबाद 
विज्ञापन
- फोटो : google
विज्ञापन
आतंकवाद की पनाहगाह के रूप में पहचाने जाने वाले पाकिस्तान को लेकर स्विस समूह की रिपोर्ट में एक और खुलासा हुआ है। इस ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान दुनिया के उन शीर्ष 50 देशों में शामिल है जहां आतंकी फाइनेंसिंग और मनी लांड्रिंग का सबसे ज्यादा जोखिम है। भारत इस सूची में काफी पीछे है। 
विज्ञापन


दि बासेल इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस द्वारा प्रकाशित एंटी-मनी लांड्रिंग सूचकांक के 2017 के अंक में 146 देशों के भीतर मनी लांड्रिंग और आतंकवाद फाइनेंस के खतरे का आकलन किया है। इस सूची में अफगानिस्तान दूसरे, नेपाल चौदहवें और श्रीलंका 25वें स्थान पर है। 

स्विट्जरलैंड स्थित स्वतंत्र संस्था द्वारा 146 देशों की इस सूची में पाकिस्तान को शून्य से दस तक के जोखिम वाले स्केल में 46वें स्थान पर रखा गया है। इस खतरे का औसत स्तर इस साल 6.15 के बराबर है। इसमें भारत ने 5.58 अंक पाकर 88वां स्थान पाया है।
विज्ञापन


पढ़ें- कश्मीर मसले पर नरम पड़ा पाकिस्तान, सेना प्रमुख ने कहा- राजनीतिक तरीके से हल निकाले भारत    

सबसे ज्यादा एंटी-मनी लांड्रिंग खतरे वाले शीर्ष 10 देशों में ईरान, अफगानिस्तान, गिनी-बिसाउ, ताजिकिस्तान, लाओस, मोजाम्बिक, माली, युगांडा, कंबोडिया और तंजानिया हैं। जबकि तीन सबसे कम खतरे वाले देशों में फिनलैंड, लिथुआनिया और एस्टोनिया हैं। 

स्विस समूह ने हाल ही में इस रिपोर्ट को अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है। शीर्ष रैंक प्राप्त ईरान ने 8.60 अंक पाए और सबसे नीचे वाले देशों में फिनलैंड ने 3.04 अंक पाए। पाकिस्तान को इसमें इस साल के औसत अंकों से ज्यादा 6.64 अंक हासिल हुए हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

आतंकी संगठनों के प्रति अपना रवैया बदले पाकिस्तान

ट्रंप प्रशासन पाक में सक्रिय आतंकवादी संगठनों का खात्मा करने के लिए कड़ा रुख अपनाने को तैयार है। - फोटो : www.state.com
ब्रिक्स देशों द्वारा पहली बार आतंकी संगठन लश्कर और जैश का नाम अपने घोषणापत्र में रखने के बाद आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका ने भी पाकिस्तान को कड़ी नसीहत दी है। उसने कहा है कि पाकिस्तान को अपनी सरजमीं से चलने वाले आतंकी संगठनों के प्रति अपना रुख बदलते हुए निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। 

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से जब ब्रिक्स घोषणा पत्र में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि - ट्रंप प्रशासन का मानना है कि पाकिस्तान को अवश्य ही अपना रुख बदलना चाहिए क्योंकि क्षेत्र में ये संगठन समस्या पैदा कर रहे हैं। 

प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका पाक सरकार से अपेक्षा करता है कि वह क्षेत्र में खतरा पैदा कर रहे पाक स्थिति आतंकी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें