भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन और कुलभूषण जाधव मामले के चलते कड़वाहट आई हुई है। इस कड़वाहट को खत्म करने की अपील पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने की है। बासित ने भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में सुधार की इच्छा जताई है।
खास बात है कि उन्होंने रिश्तों में खटास दूर करने के लिए क्रिकेट को बेहतर जरिया बताया है। उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट और दूसरे खेलों का आयोजन होना चाहिए। अंग्रेजी अखबार द हिंदू से बाचतीच में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच खेलों का आयोजन होने से कहीं-न-कहीं बातचीत के रास्ते खुलेंगे। साथ ही एक अच्छा माहौल भी तैयार होगा।
दरअसल, पीएम मोदी के कार्यकाल की शुरुआत से कुछ महीनों पहले ही बासित ने अपना पद संभाला था और इन तीन सालों में देखा जाए तो दोनों देशों के बीच खास वार्ता नहीं हुई हैं। हालांकि, बासित ने 2014 में पाक पीएम नवाज का भारत दौरा और 2015 में हुई वार्ता को रिश्तों में मजबूती का बूस्टर बताया। बासित ने कहा कि अगर आप लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं, तो अपने दरवाजों को बंद नहीं कर सकते और उन्हें आशा है कि भारत -पाकिस्तान की बातचीत फिर शुरू होगी। इस बीच उन्होंने एक बड़ी बात भी कही, जिसको लेकर भारत, पाकिस्तान को लंबे समय से घेरता आ रहा है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की कश्मीर के हुर्रियत नेताओं से बातचीत होती है। इसके पीछे कश्मीर में बिगड़े हालातों को काबू करने के लिए होने वाली बातचीत होती है। बासित के मुताबिक भारत ही नहीं पाकिस्तान भी आतंकवाद से परेशान है और दोनों देशों को मिलकर इसके खिलाफ सामने आना चाहिए।