पाक सरकार द्वारा 19 दिसंबर को आयोजित बैठक में शामिल अधिकारियों ने कहा कि अगर सईद के खैराती संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
जनवरी के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक टीम पाक का दौरा करने वाली है। यह टीम संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा करेगी। इस टीम ने अगर पाकिस्तान के खिलाफ कोई टिप्पणी की तो इसके दूरगामी परिणाम होंगे।
सईद के 300 मदरसे, 50 हजार स्वयंसेवी
अगर पाक सरकार अपनी योजना पर अमल करती है तो यह सईद के आतंकी नेटवर्क के खिलाफ उसका पहला बड़ा कदम होगा। इस नेटवर्क में 300 मदरसे और स्कूल. अस्पताल और एक प्रकाशन संस्था शामिल है। इसके अलावा जेयूडी और एफआईएफ के पास 50 हजार स्वयंसेवी हैं और सैकड़ों लोग उसके मुलाजिम हैं।
जेयूडी और एफआईएफ के प्रवक्ताओं ने कहा है कि उन्हें इस संबंध में सरकार से कोई जानकारी नहीं मिली है। जब तक सरकार की ओर से कोई अधिसूचना जारी नहीं की जाती है, इस बारे में उन्हें कुछ नहीं कहना है।