हाथ में हथियार लिए महिलाओं की तस्वीरें पाकिस्तान में बहुत असमान्य हैं। लेकिन पाकिस्तान के हिंसाग्रस्त उत्तर-पश्चिम इलाके में तालिबान से लोहा लेने के लिए दी जा रही ट्रेनिंग में कुछ महिलाएं पूरी शिद्दत से हिस्सा ले रही हैं।
इलीट पुलिस कमांडो फोर्स के लिए चुनी गईं इन 35 महिलाओं को उनके पुरुष सहकर्मियों की तरह ही छह महीने तक ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग के दौरान ये महिला रंगरूट विशेष अभियानों में इस्तेमाल में लाए जाने वाले हथियारों को चलाने, उन्हें खोलने और दोबारा जोड़ने का हुनर सीख रही हैं।
'बेटी की बहुत याद आती है'
घर तलाशी अभियान में ये महिलाएं, पुरुष जवानों का रास्ता साफ़ करने के लिए पहले प्रवेश करती हैं। एक महिला रंगरूट मेहरीन राज कहती हैं, “जब हम एक सामान्य पुलिस के रूप में किसी घर में घुसते हैं तो हम महिला चरमपंथियों को खोज नहीं पाते, लेकिन अब हम उन्हें तलाश सकते हैं और मार सकते हैं।”
सादिया 26 वर्ष की हैं और दो बच्चों की मां हैं। वो बताती हैं कि उन्हें हथियार चलाने की ट्रेनिंग सबसे अधिक पसंद है।उन्हें अपनी बेटी की बहुत याद आती है लेकिन उनके पति बहुत सहयोग करने वाले हैं। पुलिस फ़ोर्स में शामिल किए जाने के लिए दी जाने वाली शारीरिक ट्रेनिंग सबसे कठिन है। लेकिन इन महिला रंगरूटों को हल्के हथियार से लेकर भारी मशीनगन चलाने तक की ट्रेनिंग से होकर गुजारा जा रहा है।
'मानसिकता बदली है'
पाकिस्तान का यह सबसे रुढ़िवादी इलाक़ा है लेकिन पति और पिता के समर्थन के कारण ये महिलाएं आगे आई हैं। ऐसा लगता है कि चरमपंथियों से लड़ाई के मामले में महिलाओं के प्रति इस देश में मानसिकता बदल रही है।
चरमपंथ के खिलाफ अपनी सुविधानुसार लड़ाई को लेकर पाकिस्तान की काफी समय से आलोचना होती रही है।लेकिन पेशावर के एक आर्मी स्कूल में भयानक नरसंहार के बाद उसके नजरिए में कुछ बदलाव आया दिखता है। इस ट्रेनिंग को उस हादसे से पहले शुरू किया गया था लेकिन अब इसे और गंभीरता से लिया जा रहा है।
महिला रंगरूटों पर पूरा भरोसा
पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के कमांडर कर्नल मोमिन बेग कहते हैं कि ट्रेनिंग के लिए काफी महिला वालंटियर अभी कतार में हैं। वो कहते हैं, “जहां तक फिटनेस और ट्रेनिंग की बात है मुझे इन महिला रंगरूटों पर पूरा भरोसा है।”
कर्नल बेग के अनुसार, “यदि इलीट पुलिस फ़ोर्स के लिए पुरुष नहीं मिलेंगे तो हम इसमें इलीट महिला पुलिस को शामिल करेंगे और पूरा अभियान चलाएंगें।”
'पुरुष सदस्यों में झिझक'
हालांकि अपनी यूनिट में महिला सहकर्मियों को लेकर पुरुष सदस्यों में कुछ झिझक दिखती है लेकिन वो इसे दिखाते नहीं हैं।एक ऐसा प्रांत जो इस्लामी चरमपंथियों के खिलाफ युद्ध में काफी तहस नहस हो चुका है, अब महिलाएं इस युद्ध में शामिल होना चाहती हैं।
पेशावर में ट्रेनिंग ले रहीं इन महिला रंगरूटों को देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में तैनात होने वाले इलीट पुलिस फोर्स में शामिल की उम्मीद है।