मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद का अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने का सपना बुधवार को चकनाचूर हो गया। पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने सईद के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) की राजनीतिक इकाई मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को राजनीतिक पार्टी के तौर पर पंजीकृत करने की अर्जी खारिज कर दी। पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव हैं। ऐसे में सईद के लिए अब आगे के रास्ते मुश्किल हो गए हैं।
दरअसल, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा था कि वह एमएमएल को राजनीतिक पार्टी के तौर पर पंजीकृत करने की अर्जी खारिज कर दिए जाने के अपने फैसले की समीक्षा करे।
अब्दुल गफ्फार सूमरो की अध्यक्षता वाली आयोग की चार सदस्यीय पीठ ने समीक्षा में यह फैसला लिया। अपने आदेश में पीठ ने कहा, आंतरिक मामलों के मंत्रालय की टिप्पणियों के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।
हाफिज की वजह से नहीं मिली मंजूरी
मंत्रालय ने एमएमएल के संबंध प्रतिबंधित जेयूडी के नेता हाफिज से होना बताया था। इसी कारण उसे राजनीतिक पार्टी के तौर पर पंजीकृत किए जाने को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की थी। मंत्रालय ने कहा था कि एमएमएल प्रतिबंधित जेयूडी की ही एक शाखा है।
एमएमएल का जेयूडी से संबंधों से इनकार
हालांकि एमएमएल ने जेयूडी से संबंध होने से इनकार किया है। एमएमएल के प्रमुख सैफुद्दीन खालिद के मुताबिक, उनका सईद से कोई रिश्ता नहीं है।