पाकिस्तान में नेशनल असेंबली चुनाव को लेकर सरगर्मियां चरम पर हैं। पाकिस्तान चुनाव आयोग इस बार चुनावी प्रक्रिया पर 1700 करोड़ रुपये तक खर्च करने जा रहा है। यह रकम 2013 में हुए चुनाव से लगभग चार गुना अधिक है। अगर भारत से चुनावी खर्चों की बात करें तो चुनाव आयोग ने 3400 करोड़ रुपये खर्च किए थे। पाकिस्तान में 25 जुलाई को नेशनल असेंबली के लिए वोट डाले जाएंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाक आयोग ने 300 करोड़ में फ्रांस से मत पत्र मंगाए हैं। जबकि 22 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार को खर्च करने का टारगेट दिया है। पूरे पाकिस्तान में 85 हजार से ज्यादा पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। लेकिन इनसबके बीच जो सबसे अलग बना रही है इस चुनाव को वह यह है कि पाकिस्तान नेशनल असेंबली चुनाव में पहली बार इलेक्शन कमीशन ने दिव्यांग मतदाताओं के वोट डालने के लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की है।
वो मतदाता जो पोलिंग बूथ तक नहीं जा सकते हैं, वह घर पर ही वोट डाल सकेंगे
यही नहीं चुनाव आयोग ने एक और मामले में खास होने जा रहा है इस बार चुनाव आयोग जेल में बंद कैदियों के लिए भी पोस्टल बैलेट के जरिए वोट डालने का प्रबंध किया है। अभी तक सिर्फ चुनाव ड्यूटी में लगे सरकारी कर्मचारी ही, पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल कर सकते थे लेकिन अब यूएनडीपी (यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम) की मदद के जरिए पाकिस्तान चुनाव आयोग कई सारे बदलाव कर रहा है। वह दिव्यांग मतदाताओं को पोस्टल बैलेट के इस्तेमाल के लिए जागरूक कर रहा है। यूनएनडीपी ने एक पॉजिटिव वीडियो भी जारी किया है। यूएनडीपी टीम के लोग सिविल सोसाइटी के सदस्यों और इलेक्शन कमीशन के कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं।
पाक चुनाव आयोग के 6 हजार कर्मचारियों को यूएनडीपी ने दो हफ्ते तक पंजाब और बलूचिस्तान में करीब एक लाख प्रीसिडिंग और सीनियर असिसटेंट प्रीसिडिंग ऑफिसर को ट्रेंनिंग दी है। पाकिस्तान में दिव्यांगों और कैदियों के लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था का प्रावधान 2017 के इलेक्शन एक्ट में किया गया था। पाकिस्तान में 20 हजार दिव्यांग मतदाता है।
यही नहीं मतदाता जो शरीरिक रूप से अक्षम हैं और जिनके नाम वोटर लिस्ट यानी कंप्यूटराइज नेशनल आइडेंटटी कार्ड (सीएनआईसी) में दर्ज हैं, वो अपने मतदान के अधिकार का उपयोग पोस्टल बैलेट के जरिए कर सकेंगे। मतदान के लिए उन्हें अपने रिटर्निंग ऑफिसर को एक फार्म देना होगा। जबकि जेल में बंद कैदियों को इसके लिए जेल सुपरिंडेंट को आवेदन देना था। फिलहाल मतदान के अधिकार का आवेदन दस जुलाई तक देना था।