पाकिस्तान चुनाव के नतीजों में क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ को आवाम से सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं। उनकी पार्टी को 272 में से 110 सीटों पर जीत मिली है। हालांकि सरकार बनाने के लिए उन्हें 25 और सीटों की जरुरत है। जिसके लिए उन्हें अपने सहयोगियों के साथ गठबंधन करने की जरुरत है। माना जा रहा है कि वह अपनी जैसी सोच वाले छोटे दलों के साथ गठबंधन करके सरकार बना सकते हैं।
इमरान खान के प्रमुख प्रतिद्वंदी और पनामा पेपर्स मामले में सजा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएन-एल को चुनाव में 63 सीटें मिली हैं। वहीं बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को 39 सीटे मिली हैं। किसी भी पार्टी को पाकिस्तान में सरकार बनाने के लिए 137 सीटों की जरुरत है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में 342 सदस्य होते हैं। जिनमें से 272 को आम चुनावों के जरिए सीधे तौर पर चुना जाता है।
बची हुई सीटों में से 60 महिलाओं के लिए और 10 धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित होती हैं। आम चुनावों में पांच प्रतिशत से ज्यादा मतदान पाने वाली पार्टियां इन आरक्षित सीटों पर समानुपातिक प्रतिनिधित्व के हिसाब से अपने प्रतिनिधि भेज सकती हैं। गुरुवार को नतीजों के बाद इमरान ने देश की जनता को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने अपनी सरकार की नीतियों को लोगों के साथ बांटा।
चुनाव नतीजों के बाद अपने पहले भाषण में इमरान ने कहा कि 'उनके दिलो-दिमाग में जिस पाकिस्तान की कल्पना है अब वो शक्ल लेगी।' उन्होंने कहा कि पिछले 22 वर्षों से वो एक ऐसे पाकिस्तान का सपना बुन रहे हैं, जिसकी साख और तूती पूरी दुनिया में बोले। 36 मिनट लंबे भाषण में खान का पूरा जोर चीन, बलूचिस्तान और मध्य-पूर्व देशों पर रहा।
इमरान ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए तैयार है। अगर भारत सरकार एक कदम आगे बढ़ती है तो हम दो कदम आगे बढ़ेंगे। पैगम्बर के समय के शासन तंत्र की तरफ संकेत करते हुए उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान में मदीना जैसे कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे पहली प्राथमिकता शासन प्रणाली को ठीक करना है।