खुद को पाक-साफ दिखाने की कोशिश के तहत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) के एक प्रतिनिधिमंडल से पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि उनका देश दक्षिण एशिया में हथियारों की दौड़ में शामिल होने का इच्छुक नहीं है।
पाकिस्तान का यह बयान उच्च क्षमता वाले मिसाइल प्रौद्योगिकी के निर्यात को नियंत्रित करने वाले प्रतिष्ठित समूह का हिस्सा बनने के इस्लामाबाद के प्रयासों के बीच आया है।विदेश कार्यालय में अतिरिक्त सचिव तसनीम असलम ने एमटीसीआर के प्रतिनिधिमंडल से कहा कि पाकिस्तान हमेशा सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए अग्रणी भूमिका निभाता रहा है।
प्रतिनिधिमंडल एमटीसीआर के महानिदेशक एचएएम सैंग-वूक के नेतृत्व में पाक आया है। दुनिया भर के 35 देशों के इस प्रतिष्ठित समूह की सदस्यता के लिए पाकिस्तान के दावे को मजबूत बनाते हुए उन्होंने कहा कि हथियार देने के मामले में उनके देश ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया है।
जियो न्यूज की खबर के मुताबिक तसनीम असलम ने कहा कि पाकिस्तान दक्षिण एशिया में हथियारों की दौड़ में शामिल होने का इच्छुक नहीं है। गौरतलब है कि भारत एसटीसीआर का सदस्य बन चुका है, जबकि चीन को अभी इस समूह की सदस्यता नहीं मिली है। चीन का आवेदन वर्ष 2004 से लंबित है।