पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से गले मिलने पर चौतरफा आलोचना से घिरे पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
सिद्धू ने पाकिस्तान यात्रा से लौटने के बाद कहा था कि बाजवा ने करतार साहब के दर्शन के लिए रास्ता खोलने का भरोसा दिलाया था, जिस पर मैं उनके गले लग गया। अब पाकिस्तान ने सिद्धू के दावे पर कहा है कि सिद्धू ने पाक यात्रा के बाद कहा था कि भारत-पाक सीमा से ढाई किमी. दूर करतार साहब के दर्शन के लिए द्वार खोलने को लेकर उनकी पाक आर्मी चीफ से बात हुई।
हालांकि, अब पाकिस्तान की तरफ से स्पष्टीकरण जारी कर कहा गया है कि एक घटना से इसका फैसला नहीं हो सकता है। इसकी एक लंबी प्रक्रिया है और दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद ही इस पर फैसला हो सकता है। इस खबर के बाद अकाली दल ने कांग्रेस पर हमला बोल दिया है।
करतारपुर में गुरु नानक देव ने अपने जीवन के 18 बरस गुजारे थे। भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर से लेकर गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक तक कॉरिडोर बनाए जाने का प्रस्ताव है, जो लंबे समय से अटका हुआ है। इस 4 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को सिख श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए बनाया जाना है।
बता दें कि आर्मी चीफ से गले मिलने पर सिद्धू ने सफाई देते हुए कहा था, 'आर्मी चीफ बाजवा ने मुझे पहली पंक्ति में बैठे देखा तो मेरे पास आए। उन्होंने मुझे गुरुनानक साहब के 550वें प्रकाश दिवस पर भारत के डेरा बाबा नामक से लेकर पाकिस्तान में स्थित करतारपुर साहब के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं को बिना रोक-टोक पथ प्रदान करने की कोशिश कर रहे हैं।' हालांकि, पाकिस्तान सरकार की तरफ से खंडन के बाद सिद्धू अकाली दल के नेताओं के निशाने पर हैं।
कांग्रेस ने इस पर सफाई देते हुए कहा, 'सिद्धू कांग्रेस के सम्मानित नेता और जनप्रतिनिधि हैं। वह देश से क्यों झूठ बोलेंगे? जितनी बात हुई होगी उन्होंने उतनी ही यहां आकर बताई होगी। इसमें पॉलिटिक्स की कोई जगह नहीं है। सिखों के लिए वह पवित्र जगह है।'
दूसरी तरफ अकाली दल लगातार सिद्धू पर हमलावर है और पंजाब में अकाली दल के नेता कह रहे हैं कि इस पर कांग्रेस और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को जवाब देना चाहिए।
बता दें कि पाकिस्तान में इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में जाने और पाक आर्मी चीफ को गले लगाने के कारण सिद्धू बीजेपी के निशाने पर थे। हालांकि, बाद में सिद्धू ने सफाई देते हुए कहा था कि वह व्यक्तिगत संबंधों के कारण समारोह में शामिल होने के लिए गए थे।