पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। अब पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत ने ईसाइयों के 100 से अधिक घरों को आग लगा देने के मामले में सबूतों के अभाव का हवाला देकर 115 आरोपियों को बरी कर दिया है।
आठ मार्च 2013 को हुई इस घटना में हजारों लोगों की भीड़ ने ईशनिंदा की अफवाह पर जोसेफ कॉलोनी में ईसाइयों के 125 से अधिक घरों, दुकानों समेत वाहनों तथा एक चर्च में आग लगा दी थी। जज चौधरी मुहम्मद आजम ने शनिवार को सुनवाई में बचाव पक्ष के तर्क को स्वीकार करते हुए माना कि सबूत आरोपियों को दोषी साबित करने में अपर्याप्त हैं।
हालांकि अभियोजक पक्ष के वकील ने कहा था कि संदिग्धों को दोषी साबित करने के पर्याप्त सबूत पेश किए गए हैं। उन्होंने कहा, इस घटना से न सिर्फ लाहौर में दहशत फैली बल्कि पाकिस्तान का नाम भी खराब हुआ। इसके बाद भी जज ने सबूतों को अपर्याप्त बताते हुए सभी संदिग्धों को बरी करने का आदेश दिया।