पाकिस्तान सरकार ने अपने एक मंत्री द्वारा विवादित फिल्म निर्माता के सिर पर इनाम रखे जाने के मामले से खुद को अलग कर लिया है। गौरतलब है कि एक दिन पहले रेल मंत्री गुलाम अहमद बिलूर ने इसलाम विरोधी फिल्म बनाने वाले निर्माता के सिर पर एक लाख डॉलर इनाम की घोषणा की थी।
एक मंत्री के इस तरह के ऐलान ने लोगों को हैरत में डाल दिया। इसी विवादित फिल्म के खिलाफ अरब समेत दुनिया के कई देशों में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। पाकिस्तान में शुक्रवार को हुए प्रदर्शनों में करीब 23 लोगों के मारे जाने की खबर है जबकि अरबों रुपये की सरकारी एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। बिलूर की पार्टी उनसे स्पष्टीकरण मांग सकती है।
सरकार के प्रवक्ता ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि मंत्री की टिप्पणी से हम खुद को अलग करते हैं। प्रधानमंत्री रजा परवेज अशरफ के कार्यालय (पीएमओ) की ओर से कहा गया है कि बिलूर के बयान से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। पीएमओ के एक प्रवक्ता ने कहा कि बिलूर अवामी राष्ट्रीय पार्टी (एएनपी) के नेता हैं और प्रधानमंत्री इस मामले को पार्टी के मुखिया असफांदयार वली खान के समक्ष उठाएंगे।
हालांकि प्रवक्ता ने रेल मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया। बस इतना कहा कि सत्तारूढ़ पीपीपी अपनी सहयोगी एएनपी के साथ काम करना जारी रखेगी। उधर, एएनपी के प्रवक्ता जाहिद खान ने बिलूर द्वारा इनाम की घोषणा को व्यक्तिगत कार्रवाई करार दिया है और कहा कि इससे पार्टी की स्थिति स्पष्ट नहीं होती है। उन्होंने कहा कि हम अहिंसा, शांति और स्थिरता में विश्वास रखते हैं। हालांकि पार्टी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि बिलूर से उनके इस बयान पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। दूसरी तरफ रेल मंत्री अपनी घोषणा पर अडिग हैं। शनिवार देर रात एक टीवी चैनल पर उन्होंने अपनी घोषणा दोहराई।
क्या कहा थे रेल मंत्री ने
पाकिस्तान के रेल मंत्री बिलूर ने कहा था कि एक लाख डॉलर का इनाम उसे दिया जाएगा जो इस विवादित फिल्म बनाने वाले को मौत के घाट उतारेगा। ईशनिंदा वाली फिल्म के निर्माता के लिए मौत के अलावा कोई और सजा नहीं हो सकती।