पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ
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आतंकवाद से सियासत चलाने की गलतफहमी में जी रही पाकिस्तान की सरकार को अब उसी के सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित आयोग ने लताड़ लगाई है। पाक की नवाज सरकार से आयोग ने साफ कहा है कि वह आतंकियों से संबंध खत्म करे और देश में आतंकवाद निरोधक कानून लागू करे।
डॉन की खबर के मुताबिक नवाज सरकार से कहा गया है कि वह आतंकवाद निरोधक कानून कागजों पर ही लागू करके न रह जाए, उसे हकीकत में भी अमली जामा पहनाए। पाक सरकार को यह लताड़ अगस्त में अंजाम दिए गए क्वेटा आत्मघाती धमाके के बाद जांच के लिए गठित किए गए आयोग ने लगाई। उस आतंकी धमाके में 74 लोगों की जान चली गई थी।
आयोग ने कहा कि अगर पाक सरकार चाहती है कि देश में शांति-सद्भाव कायम हो तो वह यह सुनिश्ति करे कि संविधान का पालन हो। डॉन की खबर के मुताबिक आयोग ने इस बात पर खेद जताया कि उसके गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान 21 अक्टूबर को तीन प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के सरगनाओं से मिले और उनसे बात की। इनमें सिपह-इ-सहाबा पकिस्तान, मिल्लत-इ-इस्लामिया और अहले सुन्नत वाल जमात शामिल थे।
आयोग ने यह भी कहा कि आतंकवाद निरोधक कानून जन संस्थानों के लिए भी लागू होना चाहिए। उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी प्रकार के आंतकी संगठनों के साथ उनकी संलिप्तता न हो।
आयोग ने नवाज सरकार से कहा कि वह किसी भी तरह के पाखंड को रोकने के लिए तैयार रहे। इसके लिए सरकारी कर्मचारियों और आवाम को आतंकवाद और आतंकी गतिविधियों से होने वाले नुकसान और उन पर प्रतिबंध लगाने के कारणों की जानकारी देना चाहिए।
आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए होने वाली आतंकियों की बैठके न हो पाएं, इस पर ध्यान होना चाहिए।। आयोग ने गुरुवार को करीब 110 पन्नों की जांच रिपोर्ट पाक सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच को सौंपी, जिसमें ये बातें कही गईं।