भारत पर बलूचिस्तान में अलगाववादियों का समर्थन करने का आरोप
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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भारतीय जासूस को पकड़ने के दावे को भारतीय विदेश मंत्रालय ने खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला पाकिस्तान के विदेश सचिव ने भारत के उच्चायुक्त के सामने उठाया था। इस पर जवाब देते हुए भारत सरकार ने कहा कि पाकिस्तान में गिरफ्तार व्यक्ति का भारत सरकार से कोई लेना-देना नहीं है। वो व्यक्ति पहले ही भारतीय नेवी से सेवानिवृत्त हो चुका है।
भारत का किसी भी देश के अंदरूनी मामलों में दखल देने में कोई रूचि नहीं है। भारत का मानना है कि पाकिस्तान में शांति औ स्थिरता बनी रहे जोकि सभी के हित में है।
पश्चिमी पाकिस्तान के बलूचिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि एक भारतीय जासूस को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिफ गिरफ्तार किए गए भारतीय जासूस स्थानीय अलगाववादी लड़ाकों की मदद कर रहे थे।
अधिकारियों ने इसे बलूचिस्तान में जारी हिंसा में भारतीय हस्तक्षेप का स्पष्ट सबूत फरार दिया है। वहीं भारत ने अभी इस गिरफ्तारी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बलूचिस्तान के गृह मंत्री मीर सरफराज बुगती ने बीबीसी से कहा, 'रॉ के एक सेवारत अधिकारी को दक्षिण ब्लूचिस्तान से पकड़ा गया है।'
उन्होंने कहा कि रॉ के अधिकारी की गिरफ्तारी से यह बात साबित हो गई है कि बलूचिस्तान में हालात बाहरी हस्तक्षेप, विशेषकर रॉ के कारण खराब हैं। उन्होंने कहा, 'मैं पहले दिन से कह रहा हूँ कि बलूचिस्तान में रॉ काम कर रही है। सब लोग मुझसे सबूत मांगते थे। अब इससे बढ़कर और क्या सबूत होगा कि उनका एक अधिकारी बलूचिस्तान में बैठ कर काम कर रहा है।'