पिछले दिनों पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने देश के सबसे पुराने अंग्रेजी दैनिक डॉन को एक इंटरव्यू देकर दुनिया भर में सनसनी फैला दी। दुनियाभर में नवाज शरीफ के इस कबूलनामे के बाद पाकिस्तान की चौतरफा किरकिरी हो रही है।
पाकिस्तान सरकार ने अब इस किरकिरी का सारा ठीकरा डॉन के ऊपर फोड़ दिया है। सरकार ने देश के कई हिस्सों में अखबार के वितरण पर रोक लगा दी है। मीडिया वॉचडॉग के मुताबिक, यह रोक पाक के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के 2008 में हुए मुबंई हमलों पर दिए बयान को प्रकाशित करने के बाद लगाई गई है। बता दें कि द डॉन को दिए इंटरव्यू में शरीफ ने कहा था कि मुंबई हमले के पीछे पाकिस्तान और यहां के ही आतंकियों का हाथ था।
प्रेस की आजादी को बढ़ावा देने वाले गैर-सरकारी संगठन रिपोर्टर्स विथआउट बॉर्डर ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है। आरएसएफ के मुताबिक, बलूचिस्तान प्रांत के ज्यादातर हिस्सों, सिंध प्रांत के कई शहरों और सभी सैन्य छावनी में अखबार के वितरण पर रोक लगा दी गई है।
बता दें कि नवाज के कबूलनामे के बाद पाकिस्तान आर्मी में हड़कंप मच गया था जिसके बाद एक हाई लेवल मीटिंग में भी उनके इस बयान की निंदा की गई थी।