पाकिस्तान ने कहा है कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर रूक-रूक कर हो रही गोलीबारी और तनाव के बावजूद वह भारत में अफगानिस्तान पर होने वाले हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में हिस्सा लेगा। पाकिस्तान के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने पाक के हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में शरीक होने की पुष्टि की है।
उन्होंने सोमवार को मीडिया को बताया कि हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन के भारत में होने के बावजूद पाकिस्तान उसमें शरीक होगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पाकिस्तान की ओर से यह भागीदारी किस स्तर से होगी। सम्मेलन की महत्वपूर्ण मंत्री स्तरीय बैठक, जिसे इस्तानबुल प्रक्रिया भी कहा जाता है, चार दिसंबर को अमृतसर में होगी।
पिछले साल दिसंबर में इस्तानबुल प्रक्रिया की बैठक की मेजबानी पाकिस्तान ने की थी। इसमें भारत की ओर से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शरीक हुई थीं। अभी इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिली है कि इस दौरान भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच औपचारिक बातचीत होगी या नहीं। पाकिस्तान के इस सम्मेलन में शामिल होने पर संदेह के बादल इसलिए मंडरा रहे थे, क्योंकि सीमा पर तनाव बना हुआ है। इसके अलावा भारत ने इस्लामाबाद में नवंबर में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन का बहिष्कार भी किया है।