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पाक की ‘निर्भया’ के दोषी को मात्र नौ माह में फांसी, पीड़िता के पिता के सामने सूली पर लटकाया 

Thu, 18 Oct 2018 02:49 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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नई दिल्ली में हुई निर्भया घटना के जैसी ही एक घटना पाक में सात साल की बेटी के साथ पिछले साल घटी, जिसकी पूरी दुनिया में आलोचना हुई। इस मामले के दोषी इमरान अली को कोट लखपत जेल के भीतर बुधवार तड़के फांसी दे दी गई। पाक ने इस पूरे मामले में सिर्फ नौ माह के भीतर कार्रवाई को अंजाम दिया है। बच्ची के पिता ने दोषी को सरेआम फांसी पर लटकाने की याचिका दायर की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। 24 साल के इमरान ने लाहौर से 50 किलोमीटर दूर कसूर क्षेत्र में बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की थी। बच्ची का शव 9 जनवरी को कूड़ेघर के पास मिला था।

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जानकारी के मुताबिक बुधवार तड़के 5:30 बजे इमरान अली को फांसी पर लटकाते वक्त जेल परिसर में पीड़िता के पिता और मजिस्ट्रेट समेत अली के परिवार के कुछ लोग भी मौजूद थे। फांसी से पहले प्रशासन ने अली को 45 मिनट का वक्त दिया, जिसमें वह अपने परिवार से मिला और उनसे बातें की। फांसी के बाद बच्ची के पिता अमीन अंसारी ने मीडिया से कहा कि वह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी आंखों से उसका अंत होते हुए देखा। उसे फांसी दे दी गई और उसका शव आंधे घंटे तक लटका रहा।’ इसके बाद एंबुलेंस में इमरान का भाई और दो दोस्त भी शव लेने के लिए मौके पर आए।

नौ अन्य मामलों में भी शरीक था दुष्कर्मी अली

पिछले सप्ताह आतंकवाद निरोधी अदालत ने इमरान अली को 17 अक्टूबर को लाहौर जेल में फांसी पर लटकाने का आदेश दिया था। इमरान दुष्कर्म और हत्या के नौ अन्य मामलों में भी शामिल था। कोर्ट ने उसे पांच मामलों में सजा सुनाई। फांसी के बाद अंसारी ने पाक चीफ जस्टिस साकिब निसार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दोषी को उसके किए की सजा मिल गई।

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