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ज़ाहरा शाहिद खान को दफ़नाया गया

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पाकिस्तान में शनिवार को अज्ञात बंदूकधंरियों की गोलियों का निशाना बनीं तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की उपाध्यक्ष ज़ाहरा खान का कराची में अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान ने अपनी पार्टी की उपाध्यक्ष ज़ाहरा शाहिद की हत्या के लिए विरोधी पार्टी एमक्यूएम को जिम्मेदार ठहराया है।

ज़ाहरा की हत्या कराची में उनके घर के बाहर की गई थी। हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार थे।

ट्विटर पर इमरान खान ने लिखा है कि वो कराची की प्रमुख पार्टी एमक्यूएम के प्रमुख अल्ताफ हुसैन को इस हत्या के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हालांकि एमक्यूएम ने इस आरोप का खंडन किया है।

ज़ाहरा की हत्या उस समय हुई है जब कराची में कुछ हिस्सों में फिर से वोट डाला जाना था।

हत्या का मकसद

अब पुलिस पड़ताल कर रही है कि ज़ाहरा हुसैन की हत्या लूटपाट के मकसद से की थी या फिर इसके पीछे राजनीतिक साज़िश था।

रविवार शाम कराची के एक मस्जिद में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

कराची के जिन्ना अस्पताल के डॉक्टरों ने बीबीसी को बताया कि ज़ाहराहुसैन के शरीर में गोलियों के दो निशान थे।

कहा गया है कि पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट 24 घंटे में मिल जाएगी।

इमरान खान ने कहा है कि लंदन में निर्वासन में रह रहे अल्ताफ हुसैन ने “खुलैतौर पर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को मारने की धमकी दी थी।”
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इमरान खान ने ये भी कहा है कि वो इस घटना के लिए ब्रिटिश सरकार को भी जिम्मेदार ठहराते हैं। बकौल इमरान उन्होंने ब्रिटेन को पहले ही इस बारे में बता दिया था।

इमरान अब भी अस्पताल में भर्ती हैं और वो वहीं से ट्वीट कर रहे हैं। लाहौर में चुनाव प्रचार के दौरान मंच पर चढ़ते समय इमरान खान गिर गए थे जिससे उनको चोट आई थी।

लंदन पुलिस ने कहा है कि वो इस बात की जांच कर रही है कि अपने भाषणों में अल्ताफ ने धमकी देकर ब्रिटेन का कानून तोड़ा है या नहीं। ये पाकिस्तान में चुनाव सम्पन्न होने के अगले दिन की बात है।

धांधली के बाद धमकी

आरोप लगाया गया है कि चुनाव में धांधली के आरोपों के जवाब में अल्ताफ ने आरोप लगाने वालों को धमकी दी थी।

अल्ताफ हुसैन का कहना है कि उनके बयान को संदर्भ से अलग पेश किया जा रहा है।

अल्ताफ हुसैन 1991 से ही लंदन में रह रहे हैं। उनका दावा है कि पाकिस्तान लौटने पर उनकी जान को खतरा है।

कराची के कुछ हिस्सों में फिर से वोट डालने का फैसला इमरान खान की पार्टी के उन आरोपों के बाद लिया गया था जिसमें कहा गया था कि एमक्यूएम ने बड़े पैमाने धांधली और लोगों को डराया धमकाया।

कराची की ज्यादातर सीट जीतने वाली पार्टी, एमक्यूएम ने चुनाव में धांधली के आरोपों को गलत ठहराया है।

कराची में मौजूद बीबीसी संवाददाता शाहजेब जियाली का कहना है कि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश में है।

पिछले हफ्ते ही घोषित किए गए परिणाम में नवाज शरीफ की पार्टी ने आश्चर्यजनक तरीके से जीत दर्ज तीसरी बार सरकार बनाना सुनिश्चित किया था।

एमक्यूएम

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक एमक्यूएम को पाकिस्तान में अपराधी और पीड़ित, दोनों की पार्टी माना जाता है। 1980 के बाद से अब तक पाकिस्तान में जितनी भी बार एमक्यूएम चुनाव में खड़ी हुई है उसने जीत हासिल की है।

इसी महीने की 11 तरीख को ये पहली बार हुआ है जब पाकिस्तान में लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार ने दूसरी लोकतंत्रिक सरकार को सत्ता हस्तांतरित की है। हालांकि प्रचार के दौरान हुई हिंसा में करीब 150 लोग मारे गए।
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ज़ाहरा हुसैन कराची के डिफेंस इलाके में रहती थीं। वो पाकिस्तान की पूर्व क्लिक करें प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की पड़ोसी थीं।

एमक्यूएम को ज्यादातर उन लोगों का समर्थन हासिल है जो उर्दू बोलते हैं और 1947 के विभाजन के बाद भारत से पाकिस्तान चले गए थे।
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