पाकिस्तान की एक अदालत ने जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद को हिरासत में रखे जाने पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। लाहौर हाईकोर्ट की दो जजों की पीठ ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि सुनवाई के बगैर किस अधिकार से सईद को हिरासत में रखा गया है।
सईद और उसके सहयोगियों प्रो. मलिक जफर इकबाल, अब्दुर रहमान आबिद, काजी कासिफ हुसैन और अब्दुल्ला उबैद ने आतंकवाद रोधी कानून के तहत अपनी हिरासत को कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। सईद के वकील ए के डोगर की दलील सुनने के बाद जस्टिस सैयद कासिम रजा शम्सी ने कहा कि सरकार हमें अपने उन अधिकारों के बारे में बताए जिसके आधार पर बिना सुनवाई के सईद जैसे नागरिकों को हिरासत में रखा जा सकता है। जज ने एक भारतीय फिल्म का भी जिक्र किया, जिसमें सईद को विलेन दिखाया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह भी देखना चाहिए कि पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ कोई अंतरराष्ट्रीय साजिश तो नहीं हो रही है। वकील ने दावा किया कि बिना किसी कारण के सईद और उनके सहयोगियों को सरकार ने हिरासत में रखा है। आगे कहा कि सरकार ने भारत और अमेरिका को खुश करने के लिए सईद को हिरासत में रखा है। गौरतलब है कि 30 जनवरी से सईद और उसके संगठन के चार सहयोगी लाहौर में घर में नजरबंद हैं। मामले की अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी।