पाकिस्तान सेना ने उस ट्वीट को वापस ले लिया, जिसके माध्यम से मीडिया रिपोर्ट में आम सरकार को परेशान करने की बात कहीं गई थी। मीडिया रिपोर्ट में यह कहा गया था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के मसले पर केंद्र की दो शक्तियों के बीच एक दरार है, जो पाकिस्तान में नीतिगत निर्णयों को काफी प्रभावित करता है।
सेना ने 29 अप्रैल को अपने एक ट्वीट के जरिये प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार द्वारा उस अधिसूचना को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि वह अपने शीर्ष सहयोगी और विदेश मामलों के विशेष सलाहकार तारिक फातमी को बर्खास्त कर दिया है। फातमी को इसलिए बर्खास्त किया गया क्योंकि सेना के साथ उच्च स्तरीय बैठक की विस्तृत जानकारी लीक करने के मामले में उनकी कथित तौर पर भूमिका थी।
बहरहाल, सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और शरीफ के बीच इस मसले पर इस्लामाबाद में बुधवार को बैठक हुई। प्रधानमंत्री के प्रवक्ता के मुताबिक दोनों के बीच बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। दोनों पक्ष इस मसले को सौहार्दपूर्ण हल करने को सहमत हो गए हैं। बैठक के दौरान आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल नावेद मुख्तार भी मौजूद थे। इस बैठक के प्रबंधन में गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान की भूमिका अहम मानी जा रही है। सनद रहे कि शरीफ सरकार और सेना के बीच 1999 से ही मतभेद है जब सेना प्रमुख परवेेज मुशर्रफ ने शरीफ की सरकार को बर्खास्त कर दिया था।