पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर इस्लाम के खिलाफ लिखने वाले एक यूनिवर्सिटी स्टूडेंट की उसके सहपाठियों ने ही पीट पीट कर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान के प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के शहर मरदान के अब्दुल वली खान विश्वविद्यालय में हुई इस घटना में आठ छात्रों को गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले में 20 लोगों को नामजद किया गया था। फिलहाल कैंपस को बंद कर दिया गया है। मरदान में पुलिस जिला प्रमुख डॉक्टर मियां सईद अहमद के अनुसार, मशाल खान की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है और इसमें हत्या के अलावा आतंकवाद विरोधी अधिनियम की धारा सात को शामिल किया गया है।
बुरी तरह टॉर्चर किया गया
खबरों के अनुसार, दो नौजवानों ने फेसबुक पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट की थीं। इनमें से एक छात्र बच गया है। पाकिस्तान में ईशनिंदा काफी संवदेनशील और भड़काऊ मुद्दा है। ईशनिंदा कानून के आलोचकों का कहना है कि उत्पीड़ित अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ इसका दुरुपयोग किया जाता है। कुछ मामलों में ईशनिंदा में मौत की सजा दी जाती है।
इस तरह के कई मामले हैं, जिनमें आरोपी व्यक्ति को गुस्साई भीड़ ने मार डाला। मृतक छात्र की पहचान मशाल खान के रूप में हुई है। वो पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे थे। कुछ खबरों में कहा गया है कि उन्हें गोली मारी गई, जबकि कुछ में कहा गया है कि उन्हें लाठियों से पीट पीट कर मार डाला गया। समाचार एजेंसी एएफपी को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नियाज सईद ने बताया, "उन्हें बुरी तरह टॉर्चर किया गया और नजदीक से गोली मारी गई। इससे पहले डंडों, ईंटों और हाथ से पीटा गया।"
अफवाह से इकट्ठी हुई भीड़
अधिकारी का कहना था कि इस घटना में सैकड़ों लोग शामिल थे। इस घटना का ग्राफिक वीडियो फुटेज ऑनलाइन पर भी सामने आया है। डॉन अखबार के अनुसार, हालांकि इन दोनों आरोपियों के मामले में पुलिस कोई जांच नहीं कर रही थी, ना ही उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज था। अफवाह फैलने के बाद भीड़ इकट्ठी हुई।
पिछले महीने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सोशल मीडिया पर ईशनिंदा वाली सामग्रियों पर व्यापक अंकुश लगाने का समर्थन किया था। उनकी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से जारी बयान में ईशनिंदा को 'अक्षम्य अपराध' कहा गया था।
अब्दुल वली खान विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करते हुए कहा कि खान के उदारवादी और सेक्युलर विचारों को बाकी छात्र नापसंद करते थे। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में 1990 के बाद से अबतक 65 लोग मारे गए हैं।