पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को जेल में खुद ही अपने बैरक की देखरेख करनी होगी। दरअसल, पंजाब प्रांत की सरकार ने उन्हें सहायक के तौर पर कोई कैदी देने से इनकार कर दिया है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के जेल के महानिरीक्षक शाहिद सलीम बेग ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उनके मुताबिक, सरकार ने यह फैसला लिया है कि उन्हें अर्दली के रूप में जेल से कोई कैदी नहीं मिलेगा, जो शरीफ के बैरक की देखरेख व उनके छोटे-मोटे काम कर सके। जेल प्रमुख ने कहा कि अल-अजीजिया स्टील मिल्स मामले में सात साल का सश्रम कारावास काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री को अन्य कैदियों की तरह खुद ही अपना हर काम निपटाना होगा।
पंजाब के गवर्नर चौधरी सरवार के समक्ष डॉन को उन्होंने बताया कि शरीफ का मामला अत्यधिक संवेदनशील है और उन्हें जेल में अपने बैरक के बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि शरीफ पर किसी भी प्रकार की सख्ती नहीं है। जेल मैनुअल बुजुर्ग कैदियों को कुछ रियायतें देता है।